Tuesday, 29 September 2026
पंजाब
LPU News: LPU बवाल की वजह बनी सोशल मीडिया पोस्ट: मेल वर्कर पर छात्रा से रेप का दावा, पोस्ट वायरल होते ही भड़का प्रदर्शन
डेली संवाद, फगवाड़ा। LPU News: पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में बीते शनिवार और रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के पीछे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक कथित रेप का दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि गर्ल्स हॉस्टल-3 में एक छात्रा के साथ एक पुरुष कर्मचारी ने रेप किया और शिकायत के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई।
हालांकि, इस दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और 7 सदस्यीय SIT गठित की गई है। दूसरी ओर LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी को गलत, आधारहीन और मनगढ़ंत बताया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि Reddit समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक मैसेज वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि LPU के गर्ल्स हॉस्टल-3 में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप हुआ और शिकायत के बाद उसे घर भेज दिया गया।
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन के लिए जुट गए। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी तथा पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ।
पुलिस ने FIR दर्ज कर बनाई SIT
पुलिस ने कथित घटना को लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में उस कमरे में किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई, जिसका जिक्र प्रदर्शन के दौरान किया जा रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक, उस कमरे में रहने वाली तीन छात्राओं ने भी किसी ऐसी घटना से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस जांच अभी जारी है और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जिस कमरे का जिक्र, वहां रहने वाली छात्राओं ने क्या कहा?
कथित घटना को लेकर गर्ल्स हॉस्टल-3 के जिस कमरे का नाम सामने आया, वहां रहने वाली तीन छात्राओं ने वीडियो के जरिए कहा कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। छात्राओं ने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले को लेकर बार-बार पूछताछ और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं से परेशानी हो रही है।
उन्होंने लोगों से उन्हें परेशान नहीं करने की अपील की। बाद में छात्राओं ने एक अन्य वीडियो में कथित तौर पर यह आपत्ति जताई कि उनकी अनुमति के बिना उनका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया और उसके बाद उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

FIR में शिकायतकर्ताओं के बयान भी जांच के दायरे में
मामले में पुलिस के पास पहुंची शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। शिकायत में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप किए जाने और मामले को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया गया था।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल दावा किस आधार पर किया गया, पोस्ट किसने तैयार की और इसमें दी गई जानकारी का स्रोत क्या था।
सबसे बड़ा सवाल—कथित पीड़िता कौन?
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल कथित पीड़ित छात्रा की पहचान और घटना की वास्तविकता को लेकर है। प्रदर्शन के दौरान छात्र दावा कर रहे थे कि एक छात्रा के साथ रेप हुआ और बाद में उसने आत्महत्या कर ली।
हालांकि, पुलिस और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वायरल दावे में कितनी सच्चाई है।
LPU ने आरोपों को बताया गलत
LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी को “false, baseless and fabricated” बताते हुए कहा है कि अफवाहों के कारण विश्वविद्यालय का माहौल खराब हुआ। विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करें।
हिंसा के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दीं और मिड-टर्म परीक्षाओं को भी आगे के लिए टाल दिया।
हिंसा में भारी नुकसान
कथित रेप की जानकारी सामने आने के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और पुलिस के साथ झड़प की भी रिपोर्ट सामने आई। इस दौरान जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर भी प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हुआ।
अब पुलिस का फोकस हिंसा के साथ-साथ उस सोशल मीडिया पोस्ट और कथित रेप के दावे की वास्तविकता का पता लगाने पर है। फिलहाल कथित रेप की घटना की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सच्चाई SIT की जांच, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आने की उम्मीद है।