Thursday, 01 October 2026
पंजाब
LPU Violence: LPU हिंसा के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को किया गिरफ्तार, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ किया था, वीडियो से पहचाने गए
डेली संवाद, जालंधर/फगवाड़ा। LPU Violence: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से रेप की सूचना फैलने के बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी यूनिवर्सिटी परिसर में हुई तोड़फोड़ में कथित तौर पर शामिल थे।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान डिजिटल एविडेंस के आधार पर किए जाने की बात कही है। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को फगवाड़ा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से हिंसा और तोड़फोड़ में उनकी कथित भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।
तीनों आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फगवाड़ा के टिब्बी मोहल्ला निवासी गगन, जेम्स दहिया और अभि के रूप में हुई है। इनमें जेम्स दहिया LPU का छात्र बताया जा रहा है, जबकि गगन के बारे में बताया गया है कि वह Domino's के लिए पिज्जा डिलीवरी का काम करता था।
आरोपी के परिजनों ने उठाए सवाल
गगन की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद उसके मामा फगवाड़ा कोर्ट पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से परिवार को गगन को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने के मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
परिजन के अनुसार, गगन पिछले दिन से लापता था। कोर्ट में पेशी से पहले गगन ने फोन कर परिवार को अपनी पेशी के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद परिजन फगवाड़ा कोर्ट पहुंचे।
पुलिस से गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी मांगी
गगन के मामा ने दावा किया कि पुलिस से गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्हें इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि गगन के खिलाफ पहले कोई मामला दर्ज नहीं है।
डेढ़ महीने पहले शुरू की थी नौकरी
परिवार के मुताबिक गगन करीब डेढ़ महीने पहले ही Domino's में पिज्जा डिलीवरी का काम करने लगा था। गिरफ्तारी के बाद परिवार उसकी स्थिति को लेकर चिंतित है और पुलिस से मामले की जानकारी मांग रहा है।
पुलिस ने जांच जारी होने की बात कही
थाना सतनामपुरा के अधिकारियों ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, जांच अधिकारी की ओर से आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि LPU में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटना में उनकी क्या भूमिका थी।