Saturday, 16 May 2026
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NEET UG 2026: पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी समेत दो को 10 दिन की CBI रिमांड
डेली संवाद, नई दिल्ली।
NEET UG 2026 Paper Leak Case: नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) में शनिवार को नीट यूजी 2026 पेपर लीक (NEET UG 2026 Paper Leak) मामले की सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले में गिरफ्तार आरोपी पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni) और मनीषा वाघमारे (Manisha Waghmare) को अदालत में पेश किया गया, जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) ने दोनों की 14 दिन की कस्टडी की मांग की।
सीबीआई (CBI) की मांग पर लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 10 दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया। सीबीआई (CBI) ने अदालत में दावा किया कि दोनों आरोपी एक-दूसरे के लगातार संपर्क में थे और देशभर में फैले पेपर लीक
(NEET UG 2026)
नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
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NEET UG 2026 paper leak case[/caption]
NEET UG Re Exam date[/caption]
Central Bureau of Investigation[/caption]
NEET UG 2026 paper leak case[/caption]
कई राज्यों में संगठित गिरोह
एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण डिजिटल और तकनीकी सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर अब नेटवर्क की गहराई से जांच की जाएगी। सीबीआई (CBI) ने अदालत को बताया कि यह मामला सिर्फ एक पेपर लीक (NEET UG 2026) तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों और संगठित गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
सुनवाई के दौरान सीबीआई (CBI) ने कहा कि आरोपी पीवी कुलकर्णी पेशे से रसायन विज्ञान के प्रोफेसर हैं और जांच में उन्हें इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता पाया गया है। एजेंसी के मुताबिक, कुलकर्णी की भूमिका केवल प्रश्न तैयार करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह पेपर लीक (NEET UG 2026) नेटवर्क के संपर्क में भी थे।डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच
सीबीआई (CBI) ने अदालत से कहा कि दोनों आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है और उनके मोबाइल, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच भी की जानी बाकी है। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि दोनों आरोपियों के देश के अलग-अलग हिस्सों में संपर्क हैं। ऐसे में आगे की पूछताछ और जांच के लिए उन्हें विभिन्न राज्यों में ले जाना जरूरी होगा। सीबीआई (CBI) का कहना है कि-अगर पर्याप्त समय नहीं मिला तो कई महत्वपूर्ण कड़ियां छूट सकती हैं और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर, आरोपी मनीषा वाघमारे की ओर से पेश बचाव पक्ष के वकील ने सीबीआई की कस्टडी मांग का विरोध किया।
कानूनी प्रक्रिया
उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया। बचाव पक्ष के अनुसार, पुणे पुलिस ने मनीषा को 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा, जो कानून के खिलाफ है। वकील ने अदालत में कहा कि सीबीआई के पास फिलहाल कोई ठोस सबूत नहीं है और केवल बयान के आधार पर लंबी हिरासत मांगना उचित नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि मनीषा का मोबाइल फोन पहले से ही सीबीआई के कब्जे में है और जांच एजेंसी को सभी जरूरी डिजिटल जानकारी मिल चुकी है। ऐसे में आगे की हिरासत की जरूरत नहीं है। हालांकि सीबीआई ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। [caption id="attachment_110762" align="aligncenter" width="1200"]
NEET UG Re Exam date[/caption]
कुलकर्णी की सक्रिय भूमिका
एजेंसी के अनुसार, मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन विधिवत ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। पीवी कुलकर्णी की ओर से पेश वकील ने भी अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल ने केवल परीक्षा से जुड़े प्रश्न तैयार किए थे। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी National Testing Agency ने उन्हीं सवालों को अंतिम प्रश्नपत्र में शामिल किया या नहीं। बचाव पक्ष ने कहा कि केवल प्रश्न तैयार करना किसी व्यक्ति को पेपर लीक का आरोपी साबित नहीं करता। हालांकि सीबीआई (CBI) ने इस तर्क को भी खारिज करते हुए कहा कि जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जो कुलकर्णी की सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करते हैं। एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपियों के बीच लगातार संपर्क, संदिग्ध लेनदेन और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच अभी जारी है। [caption id="attachment_87045" align="aligncenter" width="1200"]
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