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Monday, 06 July 2026

Bihar News: पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने की मांग तेज, बिहार के पांच शहरों के नाम बदलने पर भी चर्चा

Samrat choudhary CM of Bihar
Samrat choudhary CM of Bihar
डेली संवाद, पटना। Bihar News: बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) का नाम बदलकर ‘पाटलिपुत्र’ (Patilputra) करने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। आध्यात्मिक गुरु सदगुरु के पटना दौरे के दौरान दिए गए बयान के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को नया रूप दे दिया है। सदगुरु ने कहा कि इस शहर को पटना नहीं बल्कि पाटलिपुत्र कहा जाना चाहिए, क्योंकि यह नाम भारत के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और जड़ों से जुड़ा हुआ है। सदगुरु के अनुसार, ‘पाटली’ एक फूल का नाम है और ‘पाटलिपुत्र’ का अर्थ पाटली फूल की संतान माना जाता है। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र नाम सुनते ही मन में सुंदरता, संस्कृति और ऐतिहासिक गौरव की तस्वीर उभरती है। ऐसे नामों का इस्तेमाल होना चाहिए, जो लोगों में गर्व की भावना पैदा करें और उन्हें अपनी सभ्यता से जोड़ें।

महान व्यक्तित्वों की कर्मभूमि

पटना का नाम बदलने की मांग कोई नई नहीं है। करीब पांच महीने पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा में पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि पाटलिपुत्र केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारत के प्राचीन इतिहास और मौर्य साम्राज्य की पहचान है। पाटलिपुत्र को कभी चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक और चाणक्य जैसे महान व्यक्तित्वों की कर्मभूमि माना जाता रहा है।

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अब केवल पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के पांच शहरों के नाम बदलने की चर्चा भी तेज हो गई है। बख्तियारपुर का नाम बदलकर व्यासपुर रखने की मांग उठ रही है। वहीं औरंगाबाद को आदित्य नगर नाम देने की मांग की जा रही है। इसके अलावा जहानाबाद और सुल्तानगंज के नाम बदलने को लेकर भी अलग-अलग संगठनों और स्थानीय लोगों की ओर से आवाज उठाई जा रही है।

सांस्कृतिक पहचान

नाम बदलने के समर्थन में लोगों का तर्क है कि शहरों के नाम भारत की सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय इतिहास और महान विभूतियों से जुड़े होने चाहिए। वहीं विरोध करने वाले लोग इसे विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि नाम बदलने के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, उद्योग और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। फिलहाल बिहार में शहरों के नाम बदलने की मांग ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन मांगों पर कोई ठोस फैसला लेती है या यह मुद्दा केवल बहस तक सीमित रह जाता है।