Tuesday, 20 October 2026
पंजाब
Punjab News: पीपीसीबी की चेयरपर्सन ने किसानों से किया संवाद, धान की पराली जलाने से रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की अपील
डेली संवाद, चंडीगढ़/संगरूर। Punjab News: पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने आज तहसील सुनाम, जिला संगरूर के गांव शेरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने धान की पराली के प्रबंधन में किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों पर उनसे बातचीत की और मौजूदा कटाई के मौसम में पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह रोकने की अपील की।
दौरे के दौरान गांव के पंचायत पुस्तकालय में पराली जलाने से पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की गुणवत्ता पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को उजागर करने वाला नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।
मशीनरी के कामकाज की समीक्षा की
चेयरपर्सन ने फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनरी के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं को समझा और उन्हें धान की पराली के प्रबंधन के लिए टिकाऊ तरीकों को अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया।
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डॉ. लवनीत कुमार दुबे, सदस्य सचिव, पीपीसीबी; इंजीनियर रविंदर भट्टी, मुख्य अभियंता; तथा डॉ. राजीव गुप्ता, वरिष्ठ अभियंता, पीपीसीबी, चेयरपर्सन के साथ उपस्थित थे।
विभागों के सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया
गगनदीप सिंह, एसडीएम सुनाम, ने भी किसानों को संबोधित किया और पराली जलाने की समस्या को समाप्त करने के लिए किसानों तथा सरकारी विभागों के सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को बताया कि राज्य सरकार ने धान की पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए इन-सीटू और एक्स-सीटू, दोनों प्रकार की फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी उपलब्ध करवाई है।
ये रहे उपस्थित
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गांव में क्लस्टर अधिकारी और नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो किसानों को आवश्यक सीआरएम मशीनरी समय पर उपलब्ध कराने और उसके संचालन में सहायता करेंगे।
इस संवाद के दौरान रोहित सिंगला, कार्यकारी अभियंता (XEN), पीपीसीबी; इंदरजीत सिंह, कृषि अधिकारी; तथा गुरिंदर सिंह बाठ भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान किसानों ने चेयरपर्सन और जिला प्रशासन को आश्वासन दिया कि मौजूदा सीजन में गांव शेरों में धान की पराली नहीं जलाई जाएगी।
पराली के उपयोग का जायजा लिया
यह आश्वासन पराली जलाने से मुक्त पंजाब के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामुदायिक भागीदारी, जागरूकता और सरकारी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के महत्व को दर्शाता है।
इसके बाद, रीना गुप्ता ने गांव लोहाखेड़ा स्थित धान की पराली से पेलेट बनाने वाले संयंत्र का दौरा किया। उन्होंने संयंत्र के संचालन की समीक्षा की और बायोमास पेलेट के उत्पादन में धान की पराली के उपयोग का जायजा लिया।
ईंधन के रूप में उपयोग करने को बढ़ावा मिले
संयंत्र के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि पेलेट की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर ईंट-भट्ठा संचालकों को सुनिश्चित की जाए, ताकि धान की पराली को वैकल्पिक ईंधन के रूप में उपयोग करने को बढ़ावा मिले और एक्स-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन व्यवस्था मजबूत हो।
इस दौरे ने किसानों, कृषि विभाग और जिला प्रशासन के साथ निकट समन्वय के माध्यम से वैज्ञानिक फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और पूरे राज्य में पर्यावरण की गुणवत्ता की रक्षा करने के प्रति पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।