Sunday, 20 September 2026
पंजाब
Punjab News: अकाल तख्त का बड़ा फैसला, रेप केस में नामजद SGPC सदस्य को पंथ से किया निष्कासित, एडिशनल हेड ग्रंथी पर भी कार्रवाई
डेली संवाद, अमृतसर। Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में रविवार को पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ धार्मिक कार्रवाई का फैसला सुनाया गया। चावला पर लगे गंभीर आरोपों पर विचार के बाद उन्हें फिलहाल खालसा पंथ से खारिज किए जाने की घोषणा की गई।
साथ ही अकाल तख्त के एडिशनल हेड ग्रंथी मलकीत सिंह के खिलाफ भी अश्लील चैट से जुड़े आरोपों को लेकर कार्रवाई की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ श्री आनंदपुर साहिब पुलिस थाने में दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज होने की खबर सामने आई है। चावला ने इन आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद सुनाया फैसला
20 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई। बैठक में कार्यकारी जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज सहित अन्य धार्मिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक के बाद अकाल तख्त की फसील से फैसला सुनाया गया। चावला पर लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा गया कि जब तक वह इस मामले में निर्दोष साबित होकर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक उन्हें खालसा पंथ से खारिज माना जाएगा। फैसले के अनुसार, उन्हें सिख धार्मिक संस्थाओं में किसी भी प्रकार की सेवा या जिम्मेदारी निभाने से भी रोक दिया गया है।
मलकीत सिंह पर भी कार्रवाई
अकाल तख्त के एडिशनल हेड ग्रंथी मलकीत सिंह के खिलाफ भी अश्लील चैट से संबंधित आरोपों पर कार्रवाई की गई। इससे पहले सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक महिला की शिकायत में मलकीत सिंह का भी उल्लेख था, हालांकि उस FIR में उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया था। SGPC की ओर से मामले की जांच के आदेश और निलंबन की जानकारी भी सामने आई थी।
अमरजीत चावला पर क्या है मामला?
अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ श्री आनंदपुर साहिब पुलिस ने 21 अगस्त 2026 को महिला की शिकायत पर FIR दर्ज की थी। शिकायत में दुष्कर्म, गलत तरीके से बंधक बनाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। महिला ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भी बयान दर्ज कराए हैं।
मामला सामने आने के बाद चावला ने अकाली दल के पदों और SGPC सदस्यता से इस्तीफा देने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोपों को गलत और अपने खिलाफ साजिश बताया था तथा अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने की बात कही थी।
पुलिस जांच भी जारी
इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि उसे श्री आनंदपुर साहिब की एक सराय में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। चावला ने इन आरोपों से इनकार किया है।
ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा। अकाल तख्त के फैसले के बाद अब इस मामले को लेकर सिख धार्मिक संस्थाओं और संगत में भी चर्चा तेज हो गई है।