Thursday, 20 August 2026
पंजाब
Punjab Bandh: पंजाब बंद कल, कई स्कूलों में छुट्टी की घोषणा, जानिए क्या खुला रहेगा, क्या रहेगा बंद?
डेली संवाद, लुधियाना। Punjab Bandh: बंदी सिखों की रिहाई, जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया है। मोर्चे के मुताबिक बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा।
इस दौरान राज्य के बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्कूल-कॉलेजों और सड़क व रेल यातायात को बंद रखने की अपील की गई है। मोर्चे ने पंजाब के प्रमुख हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला मार्गों पर भी यातायात बंद रखने का आह्वान किया है।
कई संगठनों ने दिया बंद को समर्थन
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को SGPC, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), अकाली दल (वारिस पंजाब दे), दल खालसा और हवारा कमेटी समेत विभिन्न पंथक, किसान-मजदूर और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है।
SGPC ने अपने अधीन आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों और दफ्तरों को 21 अगस्त को बंद रखने की घोषणा की है। इसके अलावा मोहाली के कई निजी स्कूलों में भी बंद के मद्देनजर छुट्टी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बस, ऑटो, टैक्सी और ट्रेनों पर असर की आशंका
बंद के दौरान सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है। मोर्चे ने प्रमुख मार्गों पर यातायात रोकने और रेल चक्का जाम का भी ऐलान किया है।
ऐसे में बस, ऑटो, टैक्सी और ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि, बंद के दौरान वास्तविक स्थिति स्थानीय प्रशासन, परिवहन सेवाओं और प्रदर्शन की स्थिति पर निर्भर करेगी।
बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान रह सकते हैं बंद
कौमी इंसाफ मोर्चा ने मुख्य बाजारों, शॉपिंग मॉल, थोक मंडियों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की है। मोर्चे ने आम लोगों और दुकानदारों से स्वेच्छा से बंद में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि किसी को जबरन दुकान या संस्थान बंद कराने के लिए मजबूर न किया जाए।
SGPC द्वारा संचालित स्कूल और कॉलेज 21 अगस्त को बंद रहेंगे। अन्य निजी, पंथक और शैक्षणिक संस्थानों पर भी बंद का असर पड़ने की संभावना है।
कौमी इंसाफ मोर्चा की प्रमुख मांगें
मोर्चे ने बंद के पीछे तीन प्रमुख मुद्दे बताए हैं। इनमें सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई, जेल में बंद जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल और 15 अगस्त को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध शामिल है। मोर्चा हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग कर रहा है।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
बंद के ऐलान के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल 21 अगस्त को पंजाब में बाजार, परिवहन और शैक्षणिक संस्थानों पर बंद का कितना असर रहता है, यह स्थानीय स्तर पर संगठनों और प्रशासन के बीच समन्वय तथा परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।