ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Wednesday, 24 June 2026

Punjab News: ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य

ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य
ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने ऑब्जर्वेशन होम्स और स्पेशल होम्स में रह रहे बच्चों के लिए एक व्यवस्थित ‘कौशल विकास कार्यक्रम’ शुरू किया है। इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ आज फरीदकोट स्थित ऑब्जर्वेशन होम फॉर बॉयज़ में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार विशेष रूपरेखा तैयार की गई है। ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों (जो अस्थायी देखभाल, सुरक्षा, परामर्श, शिक्षा और पुनर्वास के लिए संस्थान में रह रहे हैं) के लिए प्रशिक्षण का मुख्य फोकस अनुशासन, आत्मविश्वास, परामर्श सहायता और रोजगारोन्मुखी कौशलों पर रहेगा। [caption id="attachment_21918" align="aligncenter" width="1200"] ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य[/caption]

दीर्घकालिक पुनर्वास योजना से जोड़ा जाएगा

वहीं, स्पेशल होम के बच्चों (जिन्हें व्यवहार सुधार, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल किए जाने की अधिक आवश्यकता होती है) के लिए कौशल प्रशिक्षण को दीर्घकालिक पुनर्वास योजना से जोड़ा जाएगा।कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पहले चरण के दौरान राज्यभर की चार चाइल्ड केयर संस्थाओं में रह रहे कुल 420 बच्चों में से 211 बच्चों (लगभग 50 प्रतिशत) को रोजगारोन्मुखी व्यवसायों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

बच्चों को उभरते रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक चुने गए पाठ्यक्रमों— हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट, स्मार्टफोन असेंबली टेक्नीशियन और मल्टी-स्किल टेक्नीशियन — में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे कम समय में उपयोगी कौशल सीख सकें। [caption id="attachment_21919" align="aligncenter" width="1200"] ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य[/caption] डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "किसी भी बच्चे का भविष्य उन परिस्थितियों से निर्धारित नहीं होना चाहिए जिनके कारण उसे चाइल्ड केयर संस्था में आना पड़ा। इस पहल के माध्यम से हम बच्चों को यह संदेश दे रहे हैं कि उनका भविष्य उनके अतीत से नहीं, बल्कि कौशल, मेहनत और लगन से तय होगा।"

बच्चे के रूप में देखा जाएगा

मंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में प्रत्येक बच्चे को केवल एक "मामले" के रूप में नहीं, बल्कि प्रतिभा और क्षमता से भरपूर एक बच्चे के रूप में देखा जाएगा। साथ ही, बच्चों की निजता, गरिमा और पहचान की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा किसी भी सार्वजनिक मंच पर उनकी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की जाएगी। तकनीकी दक्षता के साथ-साथ यह कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, संचार कौशल, अनुशासन, कार्य नैतिकता (वर्क एथिक्स), टीम वर्क और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होगा। मंत्री ने प्रशिक्षण का विवरण साझा करते हुए बताया कि फरीदकोट स्थित ऑब्जर्वेशन होम में 36 बच्चों को हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। [caption id="attachment_21920" align="aligncenter" width="1200"] ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने वाला पंजाब बना देश का पहला राज्य[/caption] लुधियाना स्थित ऑब्जर्वेशन होम में कुल 85 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें 56 बच्चों को हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट तथा 29 बच्चों को स्मार्टफोन असेंबली टेक्नीशियन कोर्स कराया जाएगा। इसी प्रकार, होशियारपुर स्थित ऑब्जर्वेशन एवं स्पेशल होम्स में रह रहे कुल 90 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें स्पेशल होम के 30 बच्चों को हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट, ऑब्जर्वेशन होम के 30 बच्चों को मल्टी-स्किल टेक्नीशियन तथा शेष 30 बच्चों को हेयर ड्रेसर कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग की ओर से प्रयास किया जाएगा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों को उपयुक्त प्रमाणन, प्लेसमेंट सहायता, उद्यमिता मार्गदर्शन तथा प्रशिक्षण के बाद की देखभाल (आफ्टर-केयर फॉलो-अप) उपलब्ध कराया जाए। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य होम्स में भी लागू किया जाएगा, ताकि पंजाब सरकार कमजोरी से अवसर की ओर, निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर तथा संस्थागत देखभाल से सार्थक करियर की ओर नए रास्ते तैयार करने में सफल हो सकें।