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Monday, 20 July 2026

Punjab News: फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा पर BFUHS का बड़ा बयान, कहा- पेपर लीक नहीं, ब्लूटूथ से हुई नकल की कोशिश

BFUHS Pharmacy Exam Cheating Controversy
BFUHS Pharmacy Exam Cheating Controversy
डेली संवाद, फरीदकोट। Punjab News: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए हाईटेक नकल मामले पर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा शुरू होने के बाद ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर अनुचित तरीके से नकल करने का प्रयास किया।

454 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अफसरों के 454 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 6,474 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के स्तर पर जुटाई गई है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा रही है।

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रजिस्ट्रार के अनुसार सबसे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने फरीदकोट के एक परीक्षा केंद्र पर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर रहे एक परीक्षार्थी को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई। पुलिस के खुफिया इनपुट तथा तकनीकी जांच के आधार पर 28 संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई, जिन्हें हिरासत में लिया गया। वहीं, इस हाईटेक नकल रैकेट को संचालित करने वाले 7 मुख्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी

डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि यह पारंपरिक पेपर लीक का मामला नहीं है। प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बाहर भेजा गया और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने की कोशिश की गई। इसे अनुचित साधनों (Unfair Means) के इस्तेमाल का मामला माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेजी जा रही है। सरकार से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक जैमर लगाने की योजना बना रही है। रजिस्ट्रार ने कहा कि जैमर लगाने से परीक्षा संचालन की लागत बढ़ेगी, इसलिए इस संबंध में राज्य सरकार से चर्चा की जाएगी। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की हाईटेक नकल या धोखाधड़ी की पुनरावृत्ति न हो।