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Friday, 06 November 2026

Punjab News: चालान के नाम पर 5 हजार रुपए वसूली का आरोप: दुकानदार ने विजिलेंस में दी शिकायत, CCTV में कैद हुई घटना

Punjab News: चालान के नाम पर 5 हजार रुपए वसूली का आरोप: दुकानदार ने विजिलेंस में दी शिकायत, CCTV में कैद हुई घटना

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित मॉडल डुप्लेक्स मार्केट में नगर निगम के एमओएच (MOH) विभाग के एक इंस्पेक्टर पर चालान के नाम पर दुकानदार से 5 हजार रुपए नकद लेने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद नगर निगम के अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं।

शिकायतकर्ता दुकानदार राजन शर्मा ने इस संबंध में चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है। दुकानदार का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने न तो उसे चालान की कोई स्लिप दी और न ही 5 हजार रुपए लेने की सरकारी रसीद दी।

सिंगल यूज प्लास्टिक के उल्लंघन पर चालान करने पहुंचे थे इंस्पेक्टर

वहीं, इंस्पेक्टर दविंदर सिंह रोहिल्ला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को साजिश बताया है। दुकानदार राजन शर्मा के मुताबिक, 31 अक्टूबर को नगर निगम के एमओएच विभाग के इंस्पेक्टर दविंदर सिंह रोहिल्ला उनकी किरयाना दुकान पर पहुंचे थे।

उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए चालान की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान इंस्पेक्टर ने चालान बुक भी निकाली, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर चालान की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बजाय उनसे 5 हजार रुपए नकद ले लिए गए।

5 हजार रुपए लिए, न चालान स्लिप दी और न रसीद

राजन शर्मा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर ने उनसे 5 हजार रुपए कैश लिए, लेकिन इसके बदले कोई सरकारी रसीद नहीं दी गई।

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दुकानदार के अनुसार, उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि जुर्माने की रकम किस अधिकृत माध्यम से जमा कराई जा सकती है।शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया है कि अधिकारी उनकी दुकान से जिलेट प्रेस्टो शेविंग रेजर भी उठा ले गया।

दो दिन बाद विभाग में पैसे जमा कराने की बात कही

राजन शर्मा के अनुसार, जब उन्होंने इंस्पेक्टर से 5 हजार रुपए लेने के बारे में सवाल किया तो उन्होंने रकम लेने की बात स्वीकार की। इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर सफाई दी कि उस समय दुकानदार दुकान पर अकेला था और उनके पास चालान जमा कराने के लिए विभाग जाने का समय नहीं था।

शिकायतकर्ता का दावा है कि इंस्पेक्टर ने बाद में दो दिन के भीतर यह रकम पॉल्यूशन विभाग में जमा कराने की बात कही। हालांकि, रकम कब और किस रिकॉर्ड के तहत जमा हुई, इसकी जांच की मांग की गई है।

MOH अधिकारी बोलीं- इंस्पेक्टर को कैश लेने का अधिकार नहीं

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने इस मामले की जानकारी एमओएच अधिकारी डॉ. इंदरदीप कौर को भी दी। उनके अनुसार, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इंस्पेक्टर को दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से चालान की रकम नकद लेकर विभाग में जमा कराने का अधिकार नहीं है।

वहीं, इंस्पेक्टर दविंदर सिंह रोहिल्ला ने अपने खिलाफ साजिश किए जाने की बात कही है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

CCTV फुटेज और चालान रिकॉर्ड की जांच की मांग

दुकानदार राजन शर्मा ने दावा किया है कि उनकी दुकान में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने चीफ विजिलेंस ऑफिसर से मांग की है कि CCTV फुटेज को सुरक्षित रखकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। इसके अलावा उन्होंने चालान बुक, विभाग के भुगतान रिकॉर्ड और 5 हजार रुपए जमा कराने की तारीख की जांच करने की मांग भी की है।

शिकायतकर्ता ने यह भी पता लगाने को कहा है कि क्या अन्य दुकानदारों से भी इसी तरह नकद पैसे लिए गए हैं। राजन शर्मा ने आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायत की एक कॉपी नगर निगम कमिश्नर को भी भेजी गई है।