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Thursday, 10 September 2026

Punjab News: कमरों में फंसी थीं छात्राएं, 3 की गई जान; चंडीगढ़ PG अग्निकांड में 6 साल बाद शुरू होगी सुनवाई

Punjab News: कमरों में फंसी थीं छात्राएं, 3 की गई जान; चंडीगढ़ PG अग्निकांड में 6 साल बाद शुरू होगी सुनवाई

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: चंडीगढ़ सेक्टर-32 के एक PG में फरवरी 2020 में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में करीब 6 साल बाद मुकदमे की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। जिला अदालत ने कोठी मालिक गौरव अनेजा और PG संचालक नितेश बंसल के खिलाफ IPC की धारा 304A के तहत आरोप तय कर दिए हैं। अब दोनों आरोपियों पर लापरवाही के कारण मौत के मामले में मुकदमा चलेगा।

इस दर्दनाक अग्निकांड में तीन छात्राओं रिया, पाक्षी और मुस्कान की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य छात्राएं गंभीर रूप से झुलस गई थीं। मामले में लंबे समय से कानूनी पेच और अदालती रोक के कारण ट्रायल आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आरोप तय होने के बाद अब अदालत में नियमित सुनवाई का रास्ता खुल गया है।

27 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की है। अब इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

हादसे के बाद धारा 304 के तहत दर्ज हुआ था केस

फरवरी 2020 में PG में आग लगने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कोठी मालिक गौरव अनेजा और PG संचालक नितेश बंसल के खिलाफ IPC की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था। यह धारा गैर इरादतन हत्या से संबंधित है।

दोनों आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई और लगाई गई धारा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि मामले में IPC की धारा 304 लागू नहीं होती और गलत धारा लगाकर केस को गंभीर बनाया गया है।

हाईकोर्ट ने धारा 304 हटाकर 304A में केस चलाने का दिया निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आरोपियों को राहत देते हुए धारा 304 हटाकर IPC की धारा 304A के तहत केस चलाने का निर्देश दिया। इसके बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट में भेज दिया गया।

धारा 304A लापरवाही से मौत से संबंधित है। इसके तहत दोष सिद्ध होने पर अधिकतम दो साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

सेशंस कोर्ट की बजाय मजिस्ट्रेट कोर्ट में चलेगा ट्रायल

धारा 304 के तहत दर्ज मामले की सुनवाई सेशंस कोर्ट में होती है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद धारा 304A में केस चलने के कारण अब इसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट कोर्ट में होगी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद केस मजिस्ट्रेट कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। अब जिला अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इससे करीब छह साल पुराने इस मामले में ट्रायल शुरू होने की स्थिति बन गई है।

अवैध तरीके से बने कमरों में फंस गई थीं छात्राएं

फरवरी 2020 में सेक्टर-32 स्थित PG में अचानक आग लग गई थी। आरोप था कि PG में कई कमरे कथित तौर पर अवैध तरीके से बनाए गए थे। इन कमरों में लकड़ी और फाइबर की दीवारों का इस्तेमाल किया गया था। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां रहने वाली छात्राओं को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया।

हादसे के दौरान रिया, पाक्षी और मुस्कान अपने कमरों से बाहर नहीं निकल सकीं और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य छात्राएं भी गंभीर रूप से झुलस गई थीं। घटना के बाद PG की सुरक्षा व्यवस्था और कथित अवैध निर्माण को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे।

छह साल बाद अब गवाहों और साक्ष्यों पर होगी सुनवाई

फरवरी 2020 में हुए इस अग्निकांड के बाद से मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ था। आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती और धारा 304 को लेकर चली कानूनी प्रक्रिया के चलते ट्रायल शुरू नहीं हो सका था।

अब IPC की धारा 304A के तहत आरोप तय होने के बाद मामले की नियमित सुनवाई शुरू होगी। अदालत में गवाहों के बयान और पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर यह तय होगा कि हादसे के लिए दोनों आरोपियों की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।