Monday, 17 August 2026
पंजाब
Punjab News: चंडीगढ़ में कचरा फैलाने पर लगेगा जुर्माना, घर से ही 4 कैटेगरी में अलग करना होगा वेस्ट
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: चंडीगढ़ में अब सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगी। घर, दुकान और संस्थान से कचरा निकलने के बाद उसके संग्रहण, प्रोसेसिंग और अंतिम निपटारे तक जिम्मेदारी तय करने की तैयारी है। चंडीगढ़ नगर निगम ने Solid Waste Management Bylaws-2026 का ड्राफ्ट जारी किया है।
प्रस्तावित नियमों के तहत लोगों को कचरा घर या दुकान से निकलते समय ही अलग-अलग श्रेणियों में बांटना होगा। सड़क, खाली प्लॉट, नाली या जलस्रोत में कचरा फेंकना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। अलग-अलग उल्लंघनों के लिए 500 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, 10 लाख रुपए का जुर्माना हर सामान्य गलती पर नहीं लगेगा। जुर्माने की राशि उल्लंघन की प्रकृति और संबंधित प्रावधान के अनुसार तय होगी।
चार कैटेगरी में अलग करना होगा कचरा
नए प्रस्तावित नियमों के तहत घरों और अन्य स्थानों पर निकलने वाले कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना होगा। इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट शामिल हैं।
अलग-अलग किया गया कचरा नगर निगम या अधिकृत कलेक्टर को सौंपना होगा। इसका उद्देश्य कचरे की बाद में छंटाई की जरूरत कम करना और रिसाइक्लिंग व प्रोसेसिंग को बेहतर बनाना है।
सड़क पर कचरा फेंका तो पहली बार 500 रुपए
सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के लिए चरणबद्ध जुर्माने का प्रस्ताव है। पहली बार नियम तोड़ने पर 500 रुपए, दूसरी बार 1,000 रुपए और इसके बाद 2,000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। सड़क, पार्क, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने को लेकर सख्ती की जा रही है।
पत्तियां, प्लास्टिक या अन्य ठोस कचरा खुले में जलाने पर भी कार्रवाई का प्रावधान प्रस्तावित है। पहली बार 5,000 रुपए, दूसरी बार 10,000 रुपए और इसके बाद 20,000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। खुले में पेशाब और शौच जैसी गतिविधियों को भी सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने यानी लिटरिंग की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है।
नाली और जलस्रोत में कचरा डालने पर भी कार्रवाई
प्रस्तावित बायलॉज में नालियों, जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने, जलाने या दबाने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। इसका उद्देश्य कचरे के कारण नालियों के जाम होने और जलस्रोतों के प्रदूषण को रोकना है। बड़ी हाउसिंग सोसायटी, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, संस्थान, बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा निकलता है तो उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा जाएगा।
ऐसे संस्थानों को अपने परिसर में गीले कचरे की कंपोस्टिंग या बायो-मेथनेशन के जरिए प्रोसेसिंग करनी होगी। साथ ही स्रोत पर कचरे को अलग करना, रिकॉर्ड रखना और नगर निगम को मासिक रिटर्न देना भी प्रस्तावित है।
100 से ज्यादा लोगों वाले आयोजनों की भी जिम्मेदारी
शादी, धार्मिक कार्यक्रम, सामुदायिक आयोजन या अन्य कार्यक्रमों में 100 से ज्यादा लोग शामिल होते हैं तो आयोजकों को भी कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी निभानी होगी।
आयोजकों को कार्यक्रम के दौरान कचरे को अलग-अलग रखने और उसके उचित निपटारे की व्यवस्था करनी होगी। आयोजन के बाद सार्वजनिक स्थान पर कचरा छोड़ना परेशानी का कारण बन सकता है।
बड़ी सोसायटी और मार्केट एसोसिएशन को भी करना होगा कचरा प्रबंधन
5,000 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र वाली गेटेड कम्युनिटी और संस्थानों, RWA, मार्केट एसोसिएशन, होटल और रेस्टोरेंट के लिए भी स्रोत पर कचरा अलग करने और अलग-अलग कलेक्शन की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
रिसाइक्लेबल कचरे को अधिकृत रिसाइक्लर या वेस्ट पिकर्स तक पहुंचाने और जैविक कचरे को संभव होने पर परिसर में ही कंपोस्टिंग या बायो-मेथनेशन के जरिए प्रोसेस करने का प्रावधान है।
नगर निगम की जिम्मेदारी भी तय होगी
प्रस्तावित व्यवस्था में सिर्फ आम लोगों और संस्थानों की ही जिम्मेदारी नहीं होगी। नगर निगम को भी डोर-टू-डोर सेग्रीगेटेड वेस्ट कलेक्शन, कचरा हॉटस्पॉट की पहचान, पर्याप्त डस्टबिन, नियमित स्ट्रीट स्वीपिंग और नालियों व जलस्रोतों में कचरा जाने से रोकने की व्यवस्था करनी होगी।
यानी प्रस्तावित सिस्टम में नागरिक कचरे को अलग करके देंगे और नगर निगम उसे निर्धारित तरीके से उठाकर प्रोसेसिंग एवं अंतिम निपटारे तक पहुंचाएगा।
10 लाख रुपए तक जुर्माना, लेकिन हर गलती पर नहीं
ड्राफ्ट में गंभीर उल्लंघनों के लिए 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सड़क पर कचरा फेंकने वाले हर व्यक्ति पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा।
जुर्माने की राशि संबंधित उल्लंघन और लागू प्रावधान के अनुसार तय होगी। सामान्य तौर पर सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने और खुले में कचरा जलाने के लिए अलग-अलग चरणबद्ध जुर्माने प्रस्तावित किए गए हैं।
15 दिन में दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां
चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रस्तावित Solid Waste Management Bylaws-2026 पर शहरवासियों और संबंधित पक्षों से 15 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। लोग अपने सुझाव [email protected] पर ई-मेल कर सकते हैं या एमओएच कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
ड्राफ्ट नगर निगम की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। फिलहाल ये प्रस्तावित बायलॉज हैं। सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद नगर निगम इन्हें अंतिम रूप देगा। इसलिए अंतिम नियम लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस उल्लंघन पर कितना जुर्माना और किस प्रक्रिया के तहत लगाया जाएगा।