Thursday, 18 June 2026
पंजाब
Punjab News: पंजाब में 'लोक मिलनी' के दौरान मुख्यमंत्री मान, कहा- 'झाड़ू' पंजाब की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रही
डेली संवाद, फगवाड़ा।
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब पर बारी-बारी से राज करने वाली राजनीतिक पार्टियों का दौर अब खत्म हो चुका है और सूबे के भरोसे को ठेस पहुंचाने वालों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
फगवाड़ा में 'लोक मिलनी' के दौरान भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आम आदमी पार्टी (आप) का 'झाड़ू' पंजाब की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है, वहीं एक ही सिक्के के दो पहलू—अकाली और कांग्रेस—दशकों तक अपने निजी हितों की पूर्ति करने के बाद अब अपनी राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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CM Mann addressing large gathering during Lok Milni in Phagwara[/caption]
CM Mann addressing large gathering during Lok Milni in Phagwara[/caption]
पार्टियाँ 'उत्तर काटो मैं चढ़ा' की खेल खेलती थी
अकाली नेतृत्व द्वारा लोगों को गुमराह करने और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष झूठ बोला, वे किसी के वफादार नहीं हो सकते। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अपनी आंतरिक लड़ाई के कारण आखिरी दम पर है, जबकि 'आप' सरकार के जन-पक्षीय शासन के तहत पंजाब शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कल्याण के क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति देख रहा है।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वे दिन गए जब ये पार्टियाँ 'उत्तर काटो मैं चढ़ा' की खेल खेलती थीं और सत्ता में अपनी बारी का इंतजार करती थीं। असल में इन पार्टियों ने सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए। पर अब लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना है और इस पार्टी का चुनाव चिह्न 'झाड़ू' सूबे की राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब अकाली अपने पापों के कारण जेल की सलाखों के पीछे होंगे।"एक ही सिक्के के दो पहलू
मुख्यमंत्री ने कहा, "अकाली और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्हें लोगों की कोई परवाह नहीं, बल्कि सिर्फ अपने निजी हितों की चिंता है। उन्होंने खुद कई स्थानों पर बेअदबी की घटनाओं को अंजाम दिया और श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष झूठ बोला और बाद में इसे माना भी। उन्होंने आतंकवाद के दौरान नौजवानों को मरवाया और दोषी पुलिस अधिकारियों को तरक्कियाँ तक दीं। उन्होंने खुद को 'फख्र-ए-कौम' की उपाधि से नवाजा, जबकि उन्होंने 1978 की घटना के दोषियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की थी।" अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने सारी उम्र ऐशो-आराम और सुख-सुविधाओं वाले सुरक्षित माहौल में गुजारी है। सुखबीर सिंह बादल कॉन्वेंट से पढ़े राजनीतिक नेता हैं, जो सूबे की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से भी वाकिफ नहीं हैं, पर पंजाब में राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। पूर्व उप-मुख्यमंत्री सूबे की मुख्य फसलों में भी फर्क नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम समझ है।"
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएँ हुई
बेअदबी के मुद्दे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएँ हुईं, करोड़ों लोगों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुँची। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह बिल लाने की ताकत बख्शी है। सूबा सरकार ने इस बिल को बड़ी सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमी इसे कमजोर न कर सके।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "यह बिल समाज विरोधी तत्वों को भविष्य में ऐसा कोई भी पाप करने से रोकने के लिए एक निवारक उपाय के रूप में काम करेगा और कोई भी कभी ऐसा घिनौना अपराध करने की जुर्रत नहीं कर सकेगा। अकाली अपने सत्ता के दिनों के दौरान कभी भी ऐसा कानून बनाने के लिए सुहृद नहीं थे। सच्चाई यह है कि उनके इरादे शुरू से ही गलत रहे हैं। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बेअदबी की घटनाएँ होने दीं। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे अपनी गलतियाँ भी मानीं पर बाद में लोगों के सामने सरेआम इससे मुकर गए। जो लोग तख्त साहिब के आगे झूठ बोल सकते हैं वे कभी भी किसी के वफादार नहीं हो सकते। लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जो किसी के भी वफादार नहीं हैं और सिर्फ सूबे को लूटने के लिए सत्ता हथियाना चाहते हैं।"धर्म का दुरुपयोग किया
मुख्यमंत्री ने कहा, "अकालियों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। जथेदार अकालियों की जेबों से निकलते हैं, जिसके कारण वे राजनीति में भी सक्रिय रहते हैं। इन लोगों का कोई एजेंडा नहीं है, बल्कि इनका एकमात्र उद्देश्य मुझे किसी भी तरह से बदनाम करना है। लोग इन नेताओं के दोगले चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जो कभी भी इनकी नाटकीय चालों से प्रभावित नहीं होंगे।" कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कांग्रेस पार्टी सत्ता से पूरी तरह बाहर होने के कगार पर है, जो जल्द ही खत्म हो जाएगी क्योंकि इस पार्टी के पास लोगों और सूबे के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है। इनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता संभालकर पंजाब के खजाने को लूटना है पर इनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी गुटबाजी का शिकार है जो अपने कलेश के कारण जल्द ही ढह-ढेरी हो जाएगी। यह कितनी अफसोस की बात है कि सत्ता के लिए झगड़ने वाले इन नेताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे शीर्ष कांग्रेसी नेता इनके नामों का सही उच्चारण तक नहीं जानते।"
सरकार का काम बच्चों के सपनों को पंख देना
पंजाब के भविष्य को सही दिशा देने में शासन की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “किसी भी सरकार का काम बच्चों के सपनों को पंख देना होता है ताकि वे जीवन में सफलता की नई कहानी लिख सकें। मेरे द्वारा हस्ताक्षरित की जाने वाली हर फाइल आम आदमी और राज्य के हित के लिए होती है। युवाओं को बिना भ्रष्टाचार या सिफारिश के 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार का हर फैसला राज्य की प्रगति और इसके लोगों की खुशहाली की ओर केंद्रित है। शिक्षा क्षेत्र में आई क्रांति को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य भर में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, पूरी तरह सुसज्जित प्रयोगशालाएं और वैज्ञानिक शिक्षा के लिए खेल मैदान हैं। अध्यापकों की विशेषज्ञता को निखारने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत अध्यापकों और प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से भली-भांति परिचित होकर राज्य के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार कर सकें। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है।प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों की परीक्षा, नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई किया है। पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है और लगभग 1,000 आम आदमी क्लीनिक प्रतिदिन मुफ्त उपचार प्रदान कर रहे हैं। अपनी सरकार द्वारा बिजली क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “2022 में ‘आप’ सरकार के सत्ता संभालने के बाद राज्य के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान दिन के समय भी कृषि मोटरों के लिए आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। ‘आप’ सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए राज्य भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं और खालों का निर्माण किया है।