Thursday, 01 October 2026
पंजाब
Punjab Congress Crisis: राहुल गांधी के एक फोन पर राजा वडिंग ने दे दिया इस्तीफा, पढ़ें कौन बनेगा पंजाब कांग्रेस का प्रधान
डेली संवाद, लुधियाना। Punjab Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से नेतृत्व में बदलाव का फैसला लिए जाने के बाद वड़िंग ने इस्तीफा दिया। अब नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी के अंदर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नए अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। हालांकि, अभी कांग्रेस हाईकमान की ओर से उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बदला पंजाब कांग्रेस का नेतृत्व
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट ने राज्य संगठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से फीडबैक लिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी संगठनात्मक आकलन के बाद हाईकमान ने राजा वड़िंग को बदलने का फैसला किया।
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अब ऐसे चेहरे की तलाश में है जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को संभाल सके और अलग-अलग गुटों के बीच समन्वय कायम कर सके।
विजय इंदर सिंगला का नाम क्यों चर्चा में?
पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर उनके नाम पर विचार चल रहा है।
हालांकि, सिंगला ने खुद प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों को लेकर कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और उन्हें भी मीडिया के जरिए ही पता चला कि उनका नाम चर्चा में है। सिंगला ने यह भी कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसे कार्यकर्ता के तौर पर निभाने के लिए तैयार हैं।
चन्नी और रंधावा भी दिल्ली पहुंचे
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के दिल्ली पहुंचने की खबरें हैं। पार्टी के भीतर पहले से ही वड़िंग और चन्नी खेमे के बीच मतभेदों की चर्चा रही है।
सितंबर में सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद भी संगठन में नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। चन्नी ने हालांकि कहा है कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है और सभी नेता मिलकर काम करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा।
प्रताप सिंह बाजवा का बयान भी चर्चा में
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कहा कि मौसम और प्रधान कभी भी बदल सकता है। उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद क्या होगा?
कांग्रेस हाईकमान जल्द ही पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकता है। अलग-अलग रिपोर्टों में विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में बताए गए हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम फैसला किस नेता के पक्ष में होगा। कांग्रेस के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक हैं और पार्टी को चुनाव से पहले अपने संगठन को मजबूत करने की तैयारी करनी है।
क्या सिंगला के नाम पर भी हो सकता है विवाद?
विजय इंदर सिंगला का नाम सामने आने के बाद पार्टी के अंदर संभावित विरोध को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व चयन के दौरान क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
हालांकि, सिंगला के नाम का किसी विशेष कारण से विरोध होगा, ऐसा अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती
राजा वड़िंग का इस्तीफा पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही संगठनात्मक खींचतान के बीच हुआ है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के साथ-साथ संगठन में अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच समन्वय का है।
अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर है कि पंजाब कांग्रेस की कमान किस नेता को सौंपी जाती है।