Saturday, 29 August 2026
पंजाब
Punjab Employees Strike: पंजाब में हड़ताल करने वाले 2500 कर्मचारियों पर होगी बड़ी कार्रवाई!
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab Employees Strike: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच टकराव अब तेज होता दिखाई दे रहा है। 27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी लेकर महाहड़ताल में शामिल हुए कर्मचारियों में से करीब 2500 कर्मचारियों की सूची तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इन कर्मचारियों की गैरहाजिरी का उचित कारण नहीं पाया गया है। सरकार अब संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। इसमें सस्पेंशन, फोर्स लीव, वेतन कटौती या नियमों के अनुसार अन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है।
CM भगवंत मान के खिलाफ कर्मचारियों की डिजिटल स्ट्राइक
सरकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ सोशल मीडिया पर अनफॉलो मुहिम शुरू कर दी है। कर्मचारी संगठनों की ओर से फेसबुक, X और इंस्टाग्राम पर मुख्यमंत्री को अनफॉलो करने की अपील की जा रही है।
लुधियाना के कर्मचारी नेता तेजिंदर सिंह नंगल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कर्मचारी मुख्यमंत्री को फॉलो करते थे, लेकिन बातचीत के लिए बुलाए जाने के बावजूद बैठक नहीं हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को अनफॉलो करने की मुहिम शुरू कर दी।
3 लाख कर्मचारी 8 मांगों को लेकर संघर्षरत
पंजाब के करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में बकाया DA, पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना समेत कुल 8 मांगें शामिल हैं।
27 अगस्त को कर्मचारियों ने सामूहिक छुट्टी लेकर महाहड़ताल की थी। इसके बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बैठक तय की गई। पहले बैठक चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में रखी गई, जिसके बाद इसे जालंधर के PAP कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित कर दिया गया।
हड़ताल खत्म करने की शर्त पर अटकी बातचीत
बैठक से करीब एक घंटे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पहले हड़ताल समाप्त की जाए, उसके बाद बातचीत होगी। कर्मचारी नेता PAP कॉम्प्लेक्स पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री बैठक के लिए नहीं पहुंचे।
कर्मचारी नेताओं के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे पहले हड़ताल समाप्त करने का वीडियो जारी करने को कहा। इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराने की बात कही गई। कर्मचारी नेता इस शर्त पर सहमत नहीं हुए, जिसके बाद बैठक रद्द कर दी गई।
इसके बाद पंजाब सरकार ने विभिन्न विभागों के सचिवों को पत्र जारी कर उन कर्मचारियों की सूची भेजने के निर्देश दिए, जो बिना उचित कारण के ड्यूटी से गैरहाजिर रहे।
लुधियाना में बैठक, आगे के संघर्ष का होगा ऐलान
सरकारी कर्मचारियों के सांझा मोर्चा ने लुधियाना में बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार की संभावित कार्रवाई और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार यदि कड़े कदम उठाती है, तब भी वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे में पंजाब सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।