ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Wednesday, 16 September 2026

Punjab News: पंजाब में फिर रेल रोको आंदोलन की तैयारी, कल दोपहर 12 बजे तक सरकार को समय

Punjab News: पंजाब में फिर रेल रोको आंदोलन की तैयारी, कल दोपहर 12 बजे तक सरकार को समय

डेली संवाद, अमृतस​र। Punjab News: पंजाब में किसानों और मजदूरों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि अगर 17 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक सरकार की ओर से किसानों और मजदूरों की मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो इसके बाद पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अमृतसर (Amritsar) में बुधवार को हुई किसान मजदूर मोर्चा की बैठक में आंदोलन को लेकर यह फैसला लिया गया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को पहले ही उनकी मांगों से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन उनके मुताबिक अभी तक किसानों के साथ कोई ठोस बातचीत नहीं हुई है।

इन जिलों में रोकी जा सकती हैं ट्रेनें

किसान मजदूर मोर्चा के अनुसार, आंदोलन के पहले चरण में पंजाब के कई प्रमुख स्थानों पर रेल यातायात प्रभावित करने की योजना है। इनमें अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम समेत अन्य स्थान शामिल बताए गए हैं।

किसान नेताओं ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

मंत्रियों के घरों के बाहर धरने जारी

रेल रोको आंदोलन के साथ-साथ पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रहेंगे। किसान नेताओं के मुताबिक पटियाला में एक मंत्री के घर के बाहर चल रहा धरना तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। संगठन का कहना है कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: जालंधर कैंट हलके में कट गई अवैध कालोनी, डिप्टी मेयर बोले- कालोनाइजर पर FIR दर्ज होगी

किसान नेताओं के अनुसार, करीब एक महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसानों और मजदूरों की मांगों से अवगत करवाया गया था। इसके अलावा 31 अगस्त को पंजाब के विभिन्न डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी धरने दिए गए थे। किसान नेताओं का आरोप है कि इन प्रयासों के बावजूद सरकार की ओर से उनकी समस्याओं को लेकर बातचीत नहीं की गई। अब संगठन ने 17 सितंबर की समय सीमा तय करते हुए सरकार से ठोस निर्णय की मांग की है।

क्या हैं किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगें?

किसान मजदूर मोर्चा ने कई मुद्दों को अपनी मांगों में शामिल किया है। इनमें कृषि, बिजली, जमीन अधिग्रहण, पानी और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।

1. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्टीकरण

किसान संगठन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार से स्पष्ट स्थिति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि व्यापार समझौतों का भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

2. बिजली संशोधन अधिनियम का मुद्दा

किसान नेताओं ने बिजली संशोधन अधिनियम को लेकर भी अपनी आपत्ति और सवाल सरकार के सामने रखे हैं। इसके अलावा चिप वाले बिजली मीटरों को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई है।

3. बीज संशोधन अधिनियम को लेकर मांग

किसान मजदूर मोर्चा ने बीज संशोधन अधिनियम को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। संगठन का कहना है कि कृषि और किसानों से जुड़े कानूनों में उनकी चिंताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

शंभू-खनौरी मोर्चे के नुकसान का मुआवजा

किसान संगठनों की एक प्रमुख मांग शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर है।

किसान नेताओं के मुताबिक आंदोलन के दौरान करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपए का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। संगठन प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग कर रहा है।

पांच फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी की मांग

किसान मजदूर मोर्चा ने मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की मांग भी उठाई है।

किसान नेताओं का कहना है कि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी और सुनिश्चित मूल्य मिलना चाहिए तथा MSP को कानूनी सुरक्षा दी जानी चाहिए।

भूजल और नदी के पानी की सुरक्षा का मुद्दा

पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को लेकर भी किसान संगठन चिंतित हैं। मोर्चे ने भूजल और नदी के पानी की सुरक्षा को अपनी मांगों में शामिल किया है। इसके साथ ही पंजाब की जल व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की जा रही है।

Land Pooling Policy का विरोध

किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब की Land Pooling Policy को लेकर भी सवाल उठाए हैं। किसान संगठन जमीन से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टता और किसानों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहा है।

Bharatmala Project में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा

भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण भी किसान संगठनों की मांगों में शामिल है। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों में प्रभावित किसानों के हितों और उचित मुआवजे को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

18 सितंबर को होगी आंदोलन की समीक्षा

किसान मजदूर मोर्चा ने बताया कि 18 सितंबर की शाम बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें 17 सितंबर के घटनाक्रम और सरकार की प्रतिक्रिया की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में आगे के आंदोलन की रणनीति पर भी फैसला लिया जाएगा। यदि सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।

17 सितंबर को पंजाब में रेल रोको आंदोलन का ऐलान

फिलहाल किसान मजदूर मोर्चा ने सरकार को 17 सितंबर दोपहर 12 बजे तक का समय दिया है। इसके बाद मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम सहित कई स्थानों पर रेल रोको आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

इस आंदोलन से पंजाब में रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन के सामने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ रेल परिचालन को सुचारू रखने की चुनौती होगी।