Thursday, 23 July 2026
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Punjab News: मान सरकार का बड़ा फैसला, डिजिटाइज्ड जन्म प्रमाणपत्र अपडेट करने की समय-सीमा बढ़ी
डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूनिफाइड स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर डिजिटाइज़्ड जन्म प्रमाणपत्र अपडेट करने की समय-सीमा में वृद्धि को मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य डिजिटल पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेज़ों से संबंधित देरी के कारण किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश लेने में कोई कठिनाई न हो।
इस राहत की घोषणा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Harjot Singh Bains) ने कहा कि 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों, जिनके पास डिजिटाइज़्ड जन्म प्रमाणपत्र नहीं है, को दस्तावेज़ प्राप्त करने और इसे पोर्टल पर अपडेट करने के लिए 30 अक्टूबर, 2026 तक का समय दिया गया है। इसी प्रकार, 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सुधार और इसे अपडेट करने के लिए अगले शैक्षणिक सत्र तक का समय दिया गया है। हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की स्कूली शिक्षा में डिजिटल सुधार लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत किसी भी विद्यार्थी को अधिकारिक कार्यवाही के कारण किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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Harjot Bains[/caption]
बैंस ने कहा, "हमारी सरकार यूनिफाइड स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल के माध्यम से एक कागज रहित, पारदर्शी और कुशल शिक्षा प्रणाली की शुरुआत के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हालाँकि, हम विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से पूरी तरह परिचित हैं। यह समय-सीमा में वृद्धि हमारी व्यापक सोच का प्रमाण है। हम अपनी प्रक्रियाओं को आधुनिक बना रहे हैं, लेकिन हम प्रक्रिया से जुड़ी बाधाओं को बच्चों की शिक्षा में रुकावट नहीं बनने देंगे।"
Harjot Bains[/caption]
बैंस ने कहा, "हमारी सरकार यूनिफाइड स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल के माध्यम से एक कागज रहित, पारदर्शी और कुशल शिक्षा प्रणाली की शुरुआत के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हालाँकि, हम विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से पूरी तरह परिचित हैं। यह समय-सीमा में वृद्धि हमारी व्यापक सोच का प्रमाण है। हम अपनी प्रक्रियाओं को आधुनिक बना रहे हैं, लेकिन हम प्रक्रिया से जुड़ी बाधाओं को बच्चों की शिक्षा में रुकावट नहीं बनने देंगे।"