ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Sunday, 25 October 2026

Punjab News: हम समानता, सम्मान और न्याय पर आधारित पंजाब के निर्माण के लिए भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रहे हैं- CM मान

Punjab News: हम समानता, सम्मान और न्याय पर आधारित पंजाब के निर्माण के लिए भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रहे हैं- CM मान

डेली संवाद, धूरी। Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 25 अक्टूबर को संगरूर जिले के धूरी हलके की गांधी बस्ती में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित विशाल शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार समानता, सामाजिक न्याय, मानवता और हर व्यक्ति के सम्मान पर आधारित पंजाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरु साहिबान, संतों और पीर-फकीरों की पवित्र धरती है। यहां प्यार, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में नफरत के बीज कभी नहीं पनप सकते और इस एकता को हर कीमत पर कायम रखना चाहिए।

सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET किया पास

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा को गरीबी दूर करने और परिवारों का भविष्य बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) पास की है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या केवल 80 थी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के NEET पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 11 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

Bhagwant Mann2.jpeg

उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों में बड़ी संख्या ऐसे परिवारों के बच्चों की है, जिनके माता-पिता रेहड़ी-फड़ी लगाते हैं, छोटी दुकानें चलाते हैं या मेहनत-मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। अब इन परिवारों के बच्चे भी NEET जैसी कठिन परीक्षा पास करके डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से टूटेगा गरीबी का चक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता और कल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को सहारा देती हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को अपने परिवार का भविष्य बदलने की ताकत देती है।

उन्होंने कहा कि जब किसी गरीब परिवार का बच्चा डॉक्टर, अधिकारी या सफल पेशेवर बनता है, तो इससे केवल उस बच्चे का जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहतर अवसर पैदा होते हैं।

यह भी पढ़ें: जालंधर के 66 फुटी रोड पर सट्टेबाजी का 'उत्तम' खेल, सट्टा किंग RK के खिलाफ ED में शिकायत

भगवंत मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को मजबूत करना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थी भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें और अपनी योग्यता के दम पर आगे बढ़ सकें।

महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक

महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दुनिया को रामायण जैसा महान महाकाव्य दिया, जो सत्य, नैतिकता, धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। मौजूदा समय में सत्य, मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और हर इंसान के सम्मान के मूल्यों को मजबूत करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती महान संतों, गुरुओं, ऋषि-मुनियों और शहीदों की विरासत से समृद्ध है। इन महान शख्सियतों ने हमेशा लोगों को भेदभाव से ऊपर उठकर एकता, समानता और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा दी है।

छात्रवृत्ति और शिक्षा में समान अवसर देने पर जोर

भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने और शिक्षा को सामाजिक न्याय का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लाभों से वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बच्चे को गरीबी के कारण शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसरों से वंचित नहीं रहना चाहिए।

Bhagwant Mann1.jpg

उन्होंने जोर दिया कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को इस तरह मजबूत किया जाना चाहिए कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की सफलता के रास्ते में बाधा न बने।

पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव और समानता का संदेश

शोभा यात्रा में शामिल संगत का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी और अन्य महान आध्यात्मिक हस्तियों की शिक्षाएं समाज को मानवता, दया और आपसी सम्मान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत इसकी एकता और सांप्रदायिक सद्भाव है। राज्य के लोग विभिन्न त्योहारों और धार्मिक अवसरों को मिल-जुलकर मनाते हैं। इस परंपरा को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और ऐसा समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की, जहां हर व्यक्ति सम्मान के साथ जी सके और हर परिवार को मेहनत तथा शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिले।