Sunday, 01 March 2026
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Punjab: दुबई में जालंधर समेत पंजाब के निवेशकों का पैसा डूबने का खतरा, पंजाबियों ने रिएल एस्टेट कारोबार में लगा रखा है अरबों रुपए
डेली संवाद, दुबई/चंडीगढ़/जालंधर।
Punjab Investors News Iran Israel Conflict Dubai Real Estate: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान तथा इज़राइल के बीच जारी जंग जैसी स्थिति ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका असर अब पंजाब (Punjab) के निवेशकों पर भी दिखाई देने लगा है। खासतौर पर वे कारोबारी चिंतित हैं जिन्होंने दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) में बड़ा निवेश किया हुआ है।
पंजाब
(Punjab)
के कई बड़े उद्योगपतियों और एनआरआई कारोबारियों ने पिछले कुछ वर्षों में दुबई (Dubai) के प्रॉपर्टी मार्केट (Property Market) में करोड़ों रुपये लगाए हैं। दुबई को सुरक्षित निवेश, टैक्स लाभ और बेहतर रिटर्न के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों के मन में आशंकाएं बढ़ गई हैं।
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हालांकि कुछ विशेषज्ञ इसे अस्थायी स्थिति बता रहे हैं। उनका कहना है कि दुबई ने पहले भी कई वैश्विक संकटों—जैसे आर्थिक मंदी और महामारी—का सामना किया है और हर बार बाजार ने मजबूती से वापसी की है। निवेशकों को घबराने के बजाय दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए।
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इरान-इजराइज जंग से तनाव
कारोबारियों का कहना है कि भले ही जंग सीधे तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को प्रभावित नहीं कर रही, लेकिन पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करता है। यदि हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे तो विदेशी निवेश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतों और किराए के बाजार पर असर पड़ना तय है।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
जालंधर (Jalandhar), लुधियाना (Ludhiana) और अमृतसर (Amritsar) के कई व्यापारिक परिवारों ने दुबई में लग्ज़री अपार्टमेंट, कमर्शियल स्पेस और होटल प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है। एक निवेशक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। तेल की कीमतों और वैश्विक शेयर बाजारों में अस्थिरता का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ सकता है।
दुबई में बढ़ता रिएल एस्टेट कारोबार
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई का बाजार मजबूत बुनियादी ढांचे और सख्त नियामक ढांचे के कारण अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। वहां की सरकार ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। गोल्डन वीज़ा जैसी योजनाओं ने भी विदेशी निवेश को आकर्षित किया है। फिर भी, यदि क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है तो निवेशकों की मनोस्थिति पर उसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव जरूर पड़ेगा। जालंधर (Jalandhar) के कई बड़े ट्रेवल एजैंट और इमीग्रेशन कंपनियों ने अपना कारोबार समेट कर दुबई (Dubai) के रिएल एस्टेट कारोबारी में पैसा लगाया है। अब इरान और इजराइज के जंग के बीच दुबई में हड़कंप मचा हुआ है। जिससे जालंधर के इन कारोबारियों को अपना पैसा डूबता नजर आ रहा है।पंजाब के लोगों का निवेश
पंजाब (Punjab) के कारोबारियों की चिंता का एक कारण यह भी है कि उन्होंने अपनी पूंजी का बड़ा हिस्सा विदेशी संपत्तियों में लगाया हुआ है। यदि बाजार में गिरावट आती है तो रिटर्न प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, चल रही परियोजनाओं की समयसीमा और किरायेदारों की मांग पर भी असर पड़ सकता है। [caption id="attachment_8619" align="aligncenter" width="800"]
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हालांकि कुछ विशेषज्ञ इसे अस्थायी स्थिति बता रहे हैं। उनका कहना है कि दुबई ने पहले भी कई वैश्विक संकटों—जैसे आर्थिक मंदी और महामारी—का सामना किया है और हर बार बाजार ने मजबूती से वापसी की है। निवेशकों को घबराने के बजाय दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए।