Friday, 02 October 2026
पंजाब
Punjab News: पंजाब में ASI गंभीर आरोप, जब्त गाड़ियां कबाड़ी को बेचता था; 2 भाइयों समेत 4 गिरफ्तार
डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में पुलिस मालखाने में जब्त किए गए दोपहिया वाहनों को कथित तौर पर अवैध तरीके से कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक ASI, बिचौलिए और दो कबाड़ी भाइयों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के निर्देशों पर आरोपी ASI मनजिंदर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मालखाने से कुल कितने वाहन गायब हुए और इस मामले में कोई अन्य पुलिसकर्मी या व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
ASI समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ASI मनजिंदर सिंह, बिचौलिए बलविंदर सिंह उर्फ बग्गड़ और कबाड़ी का काम करने वाले दो सगे भाइयों रमणदीप सिंह और रणजीत सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कबाड़ी की दुकान पर छापेमारी कर दोनों कबाड़ी भाइयों को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूछताछ और जांच के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
कबाड़ी की दुकान से 12 वाहनों के कटे पुर्जे बरामद
थाना सिटी जगराओं के प्रभारी इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह के अनुसार, पुलिस को मालखाने से जब्त वाहनों के गायब होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डॉ. गालिब वाली गली स्थित ‘मनी कबाड़ी’ की दुकान पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां से करीब 12 मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के कटे हुए पुर्जे बरामद किए गए।
बरामद किए गए वाहन पार्ट्स को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये पुर्जे किन वाहनों के हैं और वे मालखाने में कब और किस मामले में जमा हुए थे।
VIP ड्यूटी के दौरान वाहन निकालने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ASI मनजिंदर सिंह पर आरोप है कि वह अन्य पुलिस कर्मचारियों के VIP ड्यूटी या बड़े कार्यक्रमों में तैनात होने के दौरान मालखाने से धीरे-धीरे जब्त वाहन बाहर निकालता था।
इसके बाद कथित तौर पर बिचौलिए बलविंदर सिंह उर्फ बग्गड़ के माध्यम से कबाड़ी भाइयों से सौदा किया जाता था। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका और वाहन बेचने के पूरे तरीके की जांच कर रही है।
संदेह के आधार पर पकड़े गए वाहनों की भी जांच
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मालखाने से गायब हुए कई वाहन ऐसे थे जिन्हें पुलिस ने संदेह के आधार पर जांच के लिए पकड़ा था और जिन पर आगे कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई थी।
इससे अब यह सवाल भी उठ रहा है कि बिना पूरी कागजी कार्रवाई के केवल जांच के लिए पकड़े गए वाहनों को मालखाने में किस प्रक्रिया के तहत रखा गया था। पुलिस इन वाहनों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है और उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कितने वाहन बेचे गए, जांच जारी
पुलिस का कहना है कि अभी जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि मालखाने से कुल कितने दोपहिया वाहन गायब हुए या बेचे गए।
इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित गठजोड़ में अन्य पुलिस कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति शामिल थे। बरामद वाहन पार्ट्स और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।