Monday, 12 January 2026
पंजाब
Punjab: कबड्डी प्रमोटर हत्या मामले में पश्चिम बंगाल से शूटर्स समेत तीन मुलजिम गिरफ्तार
डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab: पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई के कारण, पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की टीम ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा से कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या में शामिल दो शूटर्स और उनके साथी को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां निदेशक महानिरीक्षक पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर निवासी अमृतसर; तरनदीप सिंह निवासी बरहेवाल, लुधियाना (
Ludhiana
) और आकाशदीप निवासी ऊपल, तरन तारन के रूप में हुई है। मुलजिमों को सिक्किम पुलिस, मुंबई पुलिस, पश्चिम बंगाल एसटीएफ, केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय हावड़ा पुलिस की सहायता से गिरफ्तार किया गया है।
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Director General of Police (DGP) Punjab Gaurav Yadav[/caption]
Director General of Police (DGP) Punjab Gaurav Yadav[/caption]
गोली मारकर हत्या कर दी थी
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर, 2025 को सोहाना, एसएएस नगर में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने राणा बलाचौरिया को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अब तक कुल पांच मुलजिम गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाकी दो मुलजिमों की पहचान ऐशदीप सिंह और दविंदर के रूप में हुई है।यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि करण पाठक और तरनदीप सिंह शूटर्स हैं जबकि आकाशदीप विदेशी हैंडलर अमर खाबे राजपूता का निकट संबंधी है और उसे शूटर्स को पनाह तथा लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सभी गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की जांच के लिए पंजाब लाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए उसके बाकी साथियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।एजीटीएफ ने अपनी जांच शुरू कर दी
इस ऑपरेशन के विवरण साझा करते हुए डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि संगठित, गैंगस्टरों की आपसी दुश्मनी और विदेश-आधारित हैंडलर्स के शामिल होने के स्पष्ट संकेत मिलने के तुरंत बाद एजीटीएफ ने अपनी जांच शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के माध्यम से एजीटीएफ और एसएएस नगर पुलिस ने मुलजिमों की अपराध से पहले और बाद की गतिविधियों को जोड़ते हुए अपराध में इस्तेमाल वाहनों की पहचान की और पानीपत टोल प्लाजा तक उनके भागने के रास्ते का पता लगाया।