Wednesday, 09 September 2026
पंजाब
Punjab News: पंजाबी इन्फ्लुएंसर की हत्या, दोस्त से विवाद के बाद वारदात; जाने पूरा मामला
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर हत्याकांड की जांच में चंडीगढ़ पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती जांच में माना जा रहा था कि मनजीत कौर की हत्या पंजाब के मोरिंडा में हुई थी, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद वारदात की जगह को लेकर जांच का एंगल बदल गया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर मनजीत कौर की हत्या चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में की गई थी। मामले में कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू और शुभी फरार हैं।
रिंकू से विवाद के बाद बढ़ा मामला
पुलिस के मुताबिक मनजीत कौर का रिंकू के साथ विवाद चल रहा था। जांच में सामने आया है कि घटना से पहले दोनों के बीच बहस हुई थी, जिसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
गिरफ्तार आरोपी पिंदा ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने कथित तौर पर रिंकू का साथ दिया था। सूत्रों के अनुसार, पिंदा ने रिंकू और मनजीत के बीच रिश्ते की भी बात कही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सेक्टर-34 के पार्क के पीछे मारपीट और जलाने का दावा
पुलिस पूछताछ में पिंदा ने कथित तौर पर बताया कि रिंकू और मनजीत के बीच विवाद के बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे। यहां विवाद दोबारा बढ़ गया और हाथापाई हुई।
इसके बाद मनजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे जलाया गया। हालांकि, पुलिस इस घटनाक्रम की तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से पुष्टि कर रही है।
पहले मोरिंडा की सामने आई थी कहानी
मामले की शुरुआती जांच में सामने आया था कि मनजीत कौर को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 से अगवा करने के बाद मोरिंडा ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसे पेड़ से बांधकर तेल डालकर जलाया गया।
अब नए सुराग मिलने के बाद पुलिस का फोकस सेक्टर-34 पर है। आशंका जताई जा रही है कि वारदात यहीं हुई और बाद में मनजीत को इलाज के लिए पंजाब के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे PGI Chandigarh भी लाया गया था। पुलिस अब अस्पताल, सेक्टर-34 और अन्य संभावित स्थानों से मिले साक्ष्यों को आपस में जोड़ रही है।
करीब तीन महीने की प्रेग्नेंट थी मनजीत
जांच में यह भी सामने आया है कि मनजीत कौर करीब तीन महीने की गर्भवती थी। पुलिस जांच में गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है।
हालांकि, बच्चे के पिता और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि DNA जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
डंप डाटा से खुलेगा वारदात के समय कौन था मौजूद
चंडीगढ़ पुलिस अब सेक्टर-34 और आसपास के इलाके का मोबाइल डंप डाटा खंगाल रही है। इसके जरिए घटना के समय इलाके में सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जाएगी।
इसके अलावा पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि वारदात के समय मौके के आसपास कौन-कौन मौजूद था और घटना के बाद आरोपियों ने किन रास्तों का इस्तेमाल किया।
मां ने रिंकू और पिंदा पर जताया था शक
मनजीत कौर की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने अपहरण वाली रात की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से पिंदा की मौजूदगी से जुड़े सुराग मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसकी पूछताछ के आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
रिंकू और शुभी की तलाश में छापेमारी
मामले में गिरफ्तार पिंदा को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस रिंकू और शुभी के ठिकानों का पता लगाने की कोशिश करेगी।
फिलहाल पुलिस की जांच मुख्य रूप से तीन सवालों पर केंद्रित है—
मनजीत कौर को कहां और कैसे ले जाया गया?
उसके साथ कथित वारदात किस जगह हुई?
हत्या में किस-किस की क्या भूमिका थी?
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आ रहे सभी दावों की पुष्टि तकनीकी, वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।