Monday, 26 October 2026
पंजाब
Punjab News: परविंदर सिंह झोटा केस में नया अपडेट, भगवंत मान ने मानी सभी जायज मांगें; मेडिकल स्टोरों पर CBI रेड जारी
डेली संवाद, बठिंडा। Punjab News: पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर इंसाफ की मांग लगातार तेज हो रही है। झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी का धरना 14वें दिन भी जारी है। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा DGP के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
दूसरी तरफ, मामले से जुड़ी जांच के तहत CBI की छापेमारी भी लगातार जारी है। सोमवार सुबह CBI की टीम ने मानसा के वीर नगर मोहल्ले में दो मेडिकल स्टोरों के गोदामों में रेड की।
CM भगवंत मान बोले- सरकार ने मान लीं जायज मांगें
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि सरकार ने झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी की सभी जायज मांगें मान ली हैं। अब परिवार और कमेटी को तय करना है कि परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार कब किया जाए।
हालांकि, परिवार और एक्शन कमेटी का धरना जारी है। दोनों पक्षों के बीच मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। एक्शन कमेटी ने आगे की रणनीति तय करने के लिए आज झोटा के परिवार के साथ बैठक करने का फैसला किया है।
मानसा में CBI की रेड, दो मेडिकल स्टोरों के गोदाम खंगाले
परविंदर सिंह झोटा मामले से जुड़ी जांच के बीच CBI की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार सुबह जांच टीम ने मानसा के वीर नगर मोहल्ले में दो मेडिकल स्टोरों के गोदामों में छापेमारी की।
जानकारी के मुताबिक, CBI की टीम 20 अक्टूबर की देर रात करीब 12 बजे मानसा पहुंची थी। इसके बाद से टीम लगातार जांच में जुटी हुई है। हालांकि, सोमवार को की गई रेड के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग उठा सकती है एक्शन कमेटी
झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी के साथ सरकार की ओर से गठित कमेटी की बैठक अभी तय नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यदि प्रशासन के साथ बैठक होती है, तो उसमें अन्य मांगों के साथ परविंदर सिंह झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग भी उठाई जा सकती है।
एक्शन कमेटी की अगली रणनीति परिवार के साथ होने वाली बैठक के बाद तय की जाएगी। फिलहाल, धरना जारी है और परिवार इंसाफ की मांग पर कायम है।
पंजाब में तीन तरह की दवाओं की बिक्री बंद करने का ऐलान
इसी बीच पंजाब के होलसेलर और रिटेलर केमिस्टों ने तीन श्रेणियों की दवाओं की बिक्री बंद करने का ऐलान किया है। इनमें ट्रामाडोल, प्रेगाबालिन और सभी तरह की साइकोट्रोपिक व नारकोटिक दवाएं शामिल हैं।
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यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को लेकर बहस तेज है। हालांकि, बिक्री बंद करने के ऐलान की प्रभावी तारीख और इससे जुड़ी विस्तृत शर्तों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
झोटा के इंसाफ की लड़ाई नशे के खिलाफ साझा संघर्ष बने: मनप्रीत कौर
परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि इस संघर्ष को केवल उनके पति के मामले में दोषियों को सजा दिलाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे पंजाब में नशे के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ साझा लड़ाई में बदलना जरूरी है, ताकि दूसरे परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने अपने प्रियजन को खोने का जो दर्द सहा है, वह किसी दूसरे परिवार को न झेलना पड़े। किसी बच्चे के सिर से पिता का साया न उठे और किसी परिवार के सपने नशे की भेंट न चढ़ें। मनप्रीत कौर के मुताबिक, युवाओं की मौतों और नशे के कारण परिवारों की तबाही के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए लोगों का एकजुट होना जरूरी है।
किसानों, मजदूरों और युवाओं से एकजुट होने की अपील
मनप्रीत कौर ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और विभिन्न संगठनों से साझा मंच पर आकर नशे के खिलाफ संघर्ष तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि झोटा ने नशे के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की थी, उसे आगे बढ़ाना और दूसरे परिवारों को उजड़ने से बचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
परिवार की अपील है कि इस मुद्दे को किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित रखने के बजाय पंजाब की युवा पीढ़ी के भविष्य से जोड़कर देखा जाए।
सुखबीर बादल ने झोटा के परिवार से की मुलाकात
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल रविवार देर शाम मानसा स्थित परविंदर सिंह झोटा के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया। सुखबीर बादल ने झोटा के माता-पिता, पत्नी और दोनों छोटे बच्चों के हौसले को नमन करते हुए कहा कि परिवार गहरे दुख के बावजूद इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है।
उन्होंने परिवार और एक्शन कमेटी को भरोसा दिलाया कि शिरोमणि अकाली दल तथा व्यक्तिगत तौर पर वह इस संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की जवानी को नशे से बचाने के लिए परविंदर सिंह झोटा के संघर्ष को हमेशा याद रखा जाएगा।
14वें दिन भी धरना, इंसाफ की मांग पर अड़ा परिवार
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर मानसा में धरना लगातार जारी है। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री तथा DGP के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार ने सभी जायज मांगें मान ली हैं। CBI की जांच और छापेमारी के बीच अब सभी की नजरें परिवार और एक्शन कमेटी की बैठक तथा आगे की रणनीति पर टिकी हैं।