Monday, 17 August 2026
पंजाब
Punjab News: ED की जांच के घेरे में पंजाब की IAS अफसर, Suntec City प्रोजेक्ट से जुड़ा है मामला
डेली संवाद, मोहाली। Punjab News: मोहाली के चर्चित Suntec City प्रोजेक्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और CLU अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ तक पहुंच गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ED ने उन्हें 18 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया है।
ED की जांच कथित तौर पर Suntec City और अन्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए Change of Land Use (CLU) मंजूरियों की प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं पर केंद्रित है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन मालिकों की सहमति और दस्तावेजों की जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों ने कौन-सी प्रक्रिया अपनाई थी।
ईमेल के जरिए भेजा गया समन
सूत्रों के मुताबिक, कंवल प्रीत बराड़ को ईमेल के जरिए समन भेजा गया है। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में अधिकारी की ओर से समन मिलने की जानकारी से अनभिज्ञता जताए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद वह कार्यालय में मौजूद नहीं थीं, इसलिए उन्हें इस दौरान ईमेल पर कोई समन भेजे जाने की जानकारी नहीं है।
2020 की शिकायत से शुरू हुआ मामला
Suntec City मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में जमीन मालिकों की शिकायत से हुई थी। मोहाली के पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी करीब 53 कनाल जमीन समेत कई अन्य किसानों की कुल 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े फर्जी सहमति पत्र तैयार किए गए।
आरोप था कि इन दस्तावेजों में जमीन मालिकों के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया गया। बाद में पुलिस जांच और FIR के आधार पर मामला ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच तक पहुंचा। ED की जांच में भी कथित फर्जी सहमति पत्रों और CLU मंजूरियों की भूमिका की जांच की गई है।
मई 2026 में ED ने की थी छापेमारी
मई 2026 में ED ने Suntec City और उससे जुड़े कथित CLU मामले में मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में करीब एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी।
कार्रवाई के दौरान नकदी, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जांच के दौरान Suntec City के प्रमोटर अजय सहगल को भी गिरफ्तार किया गया था।
ED की जांच में कई अधिकारी भी दायरे में
जांच का दायरा अब GMADA और पंजाब के आवास एवं टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका तक पहुंच चुका है। ED ने Suntec City और Altus Space Builders से संबंधित CLU मंजूरियों और अधिकारियों की भूमिका से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि कथित फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर CLU मंजूरियां हासिल की गईं और इसके बाद रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़ी गतिविधियां आगे बढ़ाई गईं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
18 अगस्त को पूछताछ पर नजर
अब IAS अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ को कथित तौर पर 18 अगस्त को ED के सामने पेश होना है। पूछताछ के दौरान जमीन मालिकों की सहमति, CLU प्रक्रिया और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।