Thursday, 05 June 2025
पंजाब
Punjab News: पंजाब में 44 छात्रों ने IIT में मारी एंट्री, अगले साल संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य
डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य में विश्व स्तरीय शिक्षा सुनिश्चित कर अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने आने वाले सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (
IIT
) में दाखिला प्राप्त करने वाले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।
Bhagwant Mann CM Punjab[/caption]
इस पहल ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में पढ़ने वाले अपने साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाकर वित्तीय अंतर को दूर किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी पर होने वाला खर्च—जो अक्सर लाखों रुपये में आता है—आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी बाधा बनता रहा है।
JEE Advanced exam[/caption]
उन्होंने कहा कि हम विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करते हुए अन्य विद्यार्थियों तक पहुंच के लिए कार्यक्रम के विस्तार की योजना बना रहे हैं। बैंस ने आगे कहा कि करियर संबंधी फैसलों में विद्यार्थियों की मदद के लिए उन्हें आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
2023 में शुरू किया गया
यह कदम इस साल 44 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा सख्त प्रतियोगी जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उठाया गया है। हरजोत सिंह बैंस ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के पंजाब एकेडमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) कार्यक्रम को दिया, जो नवंबर 2023 में शुरू किया गया था। यह भी पढ़ें: कनाडा सरकार की बड़ी कार्रवाई, 30 हजार युवा होंगे डिपोर्ट; भारी संख्या में पंजाबी शामिल इस कार्यक्रम ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने में सक्षम बनाया है। 'पेस' कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाती है, जिसमें लाइव ऑनलाइन कक्षाएं, प्रश्न-उत्तर सत्र, मॉक टेस्ट और रेजिडेंशियल कैंप कोचिंग शामिल हैं। [caption id="attachment_73327" align="alignnone" width="1200"]
Bhagwant Mann CM Punjab[/caption]
इस पहल ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में पढ़ने वाले अपने साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाकर वित्तीय अंतर को दूर किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी पर होने वाला खर्च—जो अक्सर लाखों रुपये में आता है—आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी बाधा बनता रहा है।
कार्यक्रम के विस्तार की योजना बना रहे
इस पहल की प्रभावशीलता के बारे में बात करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि 'पेस' एक कोचिंग कार्यक्रम से कहीं बढ़कर है, जो ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कस्बों और पिछड़े पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने में सक्षम बनाता है, यह साबित करता है कि योग्य और सही सहायता के साथ, प्रतिभा कहीं भी पनप सकती है। उन्होंने आगे कहा कि इन प्रयासों ने पहले ही प्रभावशाली परिणाम दिए हैं, जिसके चलते सरकारी स्कूलों के 44 विद्यार्थियों ने सख्त प्रतियोगी जेईई एडवांस्ड परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह शिक्षा क्रांति है और हम सिर्फ मोहाली, लुधियाना या जालंधर जैसे कुछ बड़े शहरों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे बल्कि हमारा उद्देश्य राज्य भर के विद्यार्थियों को सशक्त बनाते हुए उन्हें सफल होने के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करना है। [caption id="attachment_73113" align="alignnone" width="800"]
JEE Advanced exam[/caption]
उन्होंने कहा कि हम विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करते हुए अन्य विद्यार्थियों तक पहुंच के लिए कार्यक्रम के विस्तार की योजना बना रहे हैं। बैंस ने आगे कहा कि करियर संबंधी फैसलों में विद्यार्थियों की मदद के लिए उन्हें आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।