Thursday, 03 July 2025
पंजाब
Punjab News: आगामी धान के खरीद सीजन के मद्देनज़र 15 सितम्बर तक पुख़्ता प्रबंध यकीनी बनाऐ जाएं: मंत्री कटारूचक्क
डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले के विभाग को इस साल 1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक धान के खरीद सीजन को सुचारू और निर्विघ्न खरीद यकीनी बनाने के लिए तैयार रहने के निर्देश देते हुये विभाग के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने 15 सितम्बर तक सभी ज़रूरी प्रबंध और व्यवस्थाएं मुकम्मल करने के लिए कहा।
The Food, Civil Supplies, and Consumer Affairs Minister Mr. Lal Chand Kataruchak[/caption]
मंत्री ने आगे निर्देश दिए कि 15 सितम्बर से 15 नवंबर तक...
अनाज भवन में एक समीक्षा मीटिंग के दौरान खरीद प्रबंधों का जायज़ा लेते हुये मंत्री ( Lal Chand Kataruchak ) ने आगे निर्देश दिए कि 15 सितम्बर से 15 नवंबर तक विभाग का कोई भी अधिकारी एक्स-इंडिया छुट्टी पर न जाये। यह भी पढ़ें: जालंधर में हो रही GST बोगस बिलिंग, CA की गिरफ्तारी के बाद हरकत में CGST टीम मंत्री को बताया गया कि 190 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए जंगी स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं और भंडारण के लिए और जगह तैयार करने के लिए, धान की ढुलाई सम्बन्धी अक्तूबर 2024 से जून 2025 तक 68 लाख मीट्रिक टन चावल राज्य से बाहर भेजा जा चुका है। इसके इलावा अगस्त 2025 से जून 2026 तक लगभग 82.5 लाख मीट्रिक टन चावल 7.5 लाख मीट्रिक टन प्रति महीने की दर के साथ बाहर भेजा जायेगा।अनाज की रसायनिक जांच कर रही
मंत्री के ध्यान में यह भी लाया गया कि साल 2025- 26 के लिए कस्टम मिलिंग पालिसी का मसौदा इस महीने के अंदर तैयार होने की संभावना है। इसके इलावा लेबर और कारटेज पालिसी 2024 के साथ-साथ फूडग्रेन ट्रांसपोर्टेशन पालिसी 2024 को 30 सितम्बर, 2025 तक बढ़ा दिया गया है जिससे धान के खरीद सीजन को सफल बनाया जा सके। गुणवत्ता के पहलूओं के बारे मंत्री को अवगत करवाया गया कि नेशनल ऐक्रीडेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलीब्रेशन लैबोरेटरियाँ (ऐनएबीऐल) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं एफसीआइ के नियमों अनुसार अनाज की रसायनिक जांच कर रही हैं। मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि तरपालों, लकड़ी के करेटों, बरदाने और जालीदार जालों का प्रबंध अपेक्षित मात्रा में किया जाये। [caption id="attachment_8807" align="aligncenter" width="800"]
The Food, Civil Supplies, and Consumer Affairs Minister Mr. Lal Chand Kataruchak[/caption]