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Saturday, 08 August 2026

Punjab News: पंजाब पुलिस के 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान ने संगठित अपराध के खिलाफ निरंतर कार्रवाई के 200 दिन पूरे किए; 1.09 लाख से अधिक छापेमारी

Punjab News: पंजाब पुलिस के 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान ने संगठित अपराध के खिलाफ निरंतर कार्रवाई के 200 दिन पूरे किए; 1.09 लाख से अधिक छापेमारी

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब पुलिस द्वारा राज्य में गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे सबसे बड़े और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरा 'गैंगस्टरां ते वार' सफलतापूर्वक अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारी की, 1,532 फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया, 58,212 अपराधियों और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और नशीले पदार्थ बरामद करके संगठित अपराधी गिरोहों के नेटवर्क को नष्ट किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू किया गया 'गैंगस्टरां ते वार' एक गुप्त सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जांच और प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराधी गिरोहों का पूर्ण सफाया करना है।

पूरी व्यवस्था को निशाना बना रहा

इस अवसर पर डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब एक बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो न केवल गैंगस्टरों, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाली पूरी व्यवस्था को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, "'गैंगस्टरां ते वार' के पहले 200 दिनों ने निरंतर और गुप्त सूचना-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को साबित किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को मजबूती देने वाले पूरे नेटवर्क—कार्यकर्ताओं, वित्तीय संसाधनों, रसद प्रबंधन, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को तोड़ने पर केंद्रित है।

पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के अंदर या बाहर सक्रिय किसी भी गैंगस्टर के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह न बचे।" इन 200 दिनों के दौरान 1,532 फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 577 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 27,624 वांछित अपराधी हैं। इसी तरह 18,514 व्यक्तियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, इनमें 1,529 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर इस अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति पुलिस कार्रवाई के दायरे में लाए गए, जिनमें 2,959 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ्तारियों के अलावा, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, नशीले पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद ढांचे तक पहुंच को निशाना बनाकर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमजोर करना था। इस अभियान ने संगठित अपराधी गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया। अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे अपराधी नेटवर्कों की कार्यशील क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया गया।

जबरन वसूली करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश

इसके साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम भूक्की और 26,91,455 नशीली गोलियां बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये की नकदी और 413.85 ग्राम सोना भी जब्त किया, जिससे संगठित अपराध और नशा तस्करी को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर बड़ी कार्रवाई हुई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के अतिरिक्त निदेशक जनरल ऑफ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब इस अभियान का मुख्य ध्यान केवल व्यक्तिगत है अपराधियों को गिरफ्तार करने के बजाय संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, "आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे हैंडलरों के माध्यम से चलता है।

कार्रवाई को आगे बढ़ाने में सफल रही

इसलिए हमारी जांच विधियों में फील्ड ऑपरेशनों के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय भी शामिल है। इस रणनीति के फलस्वरूप पंजाब पुलिस जबरन वसूली करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने और वांछित अपराधियों को भारत वापस लाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाने में सफल रही है।

इसके साथ ही, इस अभियान ने नौजवानों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि गैंगस्टर संस्कृति का आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और बर्बादी में ही होता है।" इस अभियान को पड़ोसी राज्यों और केंद्रीय जांच एवं खुफिया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का पूरा सहयोग भी मिला, जिससे सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशनों को और मजबूती मिली।

61 ड्रोन भी कब्जे में लिए

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक—फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोजपुर, को मध्य एशिया से और गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब और केंद्रीय एजेंसियों के घनिष्ठ समन्वय से इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस कार्रवाई ने यह साबित किया कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे भी वांछित अपराधियों का पीछा करके उन्हें कानून के दायरे में लाने की क्षमता रखती है।

गैंगस्टरों और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा, इस अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब (34,840 बोतलें और 926 पेटियां) बरामद करके नष्ट की गई। इसके अलावा, आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन जब्त किए गए और 1,781 वाहन तथा 61 ड्रोन भी कब्जे में लिए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढांचे को कमजोर करने, संगठित अपराधी नेटवर्कों को नष्ट करने और पूरे पंजाब में लोगों की सुरक्षा को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

इनाम दिया जाएगा

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं। इस पहल के तहत लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गुप्त रूप से महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का शीघ्र पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने में मदद मिलेगी।

लोगों की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में सहायक पुख्ता जानकारी देने वालों को नकद इनाम दिया जाएगा और उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ गुप्त सूचना-आधारित कार्रवाइयों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।