Saturday, 07 June 2025
पंजाब
Punjab News: जालंधर के तेजस्वी मिन्हास का प्रयास रंग लागा, NGT ने मुख्य सचिव को दिया ये आदेश
डेली संवाद, पंजाब।
Punjab News: जालंधर (Jalandhar)के पीएंडटी कॉलोनी (P & T Colony) में पेड़ों की कटाई के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (
NGT
) ने बड़ा कदम उठाया है। एनजीटी की बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा (KAP Sinha) को राज्य में शहरी पेड़ों की सुरक्षा के लिए उचित कानून बनाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई जालंधर के सामाजिक कार्यकर्ता तेजस्वी मिन्हास की याचिका पर हुई है।
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इसके साथ ही याचिकाकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता तेजस्वी मिन्हास ने बताया कि राज्य सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है और कहा कि गैर-वन सरकारी और सार्वजनिक भूमि के लिए वृक्ष संरक्षण नीति 2024 महज दिखावा है।
इस दौरान उन्होंने खामियों की ओर इशारा किया, जिसमें यह नहीं बताया गया कि शिकायत कहां की जाए, पेड़ों की गणना नहीं की गई, पीएसपीसीएल द्वारा अवैज्ञानिक कटाई की गई, आंधी-तूफान में कटे या उखड़ गए पेड़ों के बदले कोई नया पेड़ नहीं लगाया गया आदि। वहीं मामले की अगली सुनवाई अब 8 अक्टूबर 2025 को होगी।
मुख्य सचिव उपस्थित होने का आदेश
याचिकाकर्ता तेजस्वी मिन्हास (Tejasvi Minhas) ने बताया कि एनजीटी (NGT) ने अपनी पिछली सुनवाई में पंजाब के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था। वहीं मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य अपने हरियाली को संरक्षित करने तथा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन उन्होंने कानून के अभाव का हवाला देते हुए इसके लिए छह महीने का समय मांगा। [caption id="attachment_73803" align="aligncenter" width="1200"]
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इसके साथ ही याचिकाकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता तेजस्वी मिन्हास ने बताया कि राज्य सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है और कहा कि गैर-वन सरकारी और सार्वजनिक भूमि के लिए वृक्ष संरक्षण नीति 2024 महज दिखावा है।
इस दौरान उन्होंने खामियों की ओर इशारा किया, जिसमें यह नहीं बताया गया कि शिकायत कहां की जाए, पेड़ों की गणना नहीं की गई, पीएसपीसीएल द्वारा अवैज्ञानिक कटाई की गई, आंधी-तूफान में कटे या उखड़ गए पेड़ों के बदले कोई नया पेड़ नहीं लगाया गया आदि। वहीं मामले की अगली सुनवाई अब 8 अक्टूबर 2025 को होगी।