Monday, 20 July 2026
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Punjab News: पंजाब की भर्ती परीक्षा में हाईटेक चीटिंग, पेन कैमरा, कंट्रोल रूम और ब्लूटूथ से चला नकल का खेल; 7 मास्टरमाइंड गिरफ्तार
डेली संवाद, फरीदकोट।
Punjab News: पंजाब हेल्थ विभाग में फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पंजाब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रविवार (19 जुलाई) को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस, पेन कैमरा और वायरलेस तकनीक के जरिए अभ्यर्थियों को रियल-टाइम में उत्तर पहुंचाए जा रहे थे। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया और 7 मुख्य आरोपियों के साथ परीक्षा में शामिल 28 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 अत्याधुनिक बैटरी संचालित वायरलेस माइक्रो डिवाइस, पेन कैमरे, ट्रांसमीटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से साढ़े तीन लाख से लेकर 13 लाख रुपए तक की डील की गई थी। पुलिस (Police) का कहना है कि पंजाब में इस तरह की हाईटेक नकल का यह पहला बड़ा मामला है।
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ऐसे रची गई थी पूरी साजिश
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की ओर से 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा के लिए फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पुलिस जांच के अनुसार, परीक्षा वाले दिन सुबह तड़के रैकेट के सदस्य फरीदकोट-कोटकपूरा रोड स्थित एक होटल में इकट्ठा हुए। यहीं उन अभ्यर्थियों को बुलाया गया, जिन्होंने गिरोह से सौदा किया था।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
होटल में उम्मीदवारों को कान के भीतर आसानी से छिप जाने वाले वायरलेस माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस, विशेष बैटरी, पेन कैमरा और अन्य उपकरण दिए गए। उन्हें इन डिवाइसों को पहनने और इस्तेमाल करने की पूरी ट्रेनिंग भी दी गई, ताकि परीक्षा केंद्र पर किसी को शक न हो।
पेन कैमरे से स्कैन हुआ प्रश्नपत्र
परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई। फिरोजपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बैठे अभ्यर्थी आयुष के पास छिपा हुआ पेन कैमरा था। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद उसने प्रश्नपत्र को स्कैन कर लिया। जांच में सामने आया कि सुबह 11:10 से 11:25 बजे के बीच उसने व्हाट्सएप के जरिए प्रश्नपत्र हरियाणा के भिवानी निवासी साजन को भेज दिया। साजन ने तुरंत यह प्रश्नपत्र राजस्थान के बहरोड़ निवासी दीपक को फॉरवर्ड कर दिया। दीपक उस समय फरीदकोट के सोसायटी नगर स्थित एक मकान में बनाए गए अस्थायी कंट्रोल रूम में मौजूद था। वहीं पर मुख्य आरोपी मनजीत सिंह और अन्य लोगों ने प्रश्नपत्र हल करना शुरू किया।कंट्रोल रूम से सुनाए गए उत्तर
प्रश्नपत्र हल होते ही कंट्रोल रूम से मोबाइल, ट्रांसमीटर और वायरलेस तकनीक के जरिए परीक्षा केंद्रों में बैठे अभ्यर्थियों के कानों में लगे माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस पर एक-एक उत्तर बोलकर सुनाया जाने लगा। अभ्यर्थी उसी आधार पर उत्तर पुस्तिका में जवाब लिखते रहे। पुलिस के अनुसार पूरा सिस्टम किसी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह संचालित किया जा रहा था, जिसमें अलग-अलग राज्यों के लोग अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे थे।पहले से था खुफिया इनपुट
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) विंग को पहले ही सूचना मिल चुकी थी कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं को निशाना बनाने वाला एक अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है। इसके बाद साइबर और तकनीकी निगरानी टीमों ने संदिग्ध मोबाइल सिग्नलों और डेटा ट्रांसफर पर नजर रखनी शुरू कर दी। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, फरीदकोट और फिरोजपुर क्षेत्र में असामान्य वायरलेस गतिविधि और डिजिटल ट्रैफिक की जानकारी मिली। इसके बाद फरीदकोट रेंज, फिरोजपुर रेंज और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।कंट्रोल रूम पर छापा
तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले फरीदकोट के सोसायटी नगर स्थित गुरमीत सिंह के किराए के मकान पर छापा मारा। यह मकान पूरे रैकेट का कंट्रोल रूम बनाया गया था। पुलिस ने मौके से राजस्थान के रहने वाले सॉल्वर मनजीत सिंह और दीपक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों हेडफोन और ट्रांसमीटर के जरिए परीक्षा हॉल में बैठे उम्मीदवारों को उत्तर डिक्टेट कर रहे थे। इसके बाद पुलिस की दूसरी टीमों ने परीक्षा केंद्रों में पहुंचकर संदिग्ध अभ्यर्थियों की जांच की। तलाशी के दौरान 27 वायरलेस माइक्रो डिवाइस, पेन कैमरे और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पेन कैमरे से प्रश्नपत्र भेजने वाले मुख्य अभ्यर्थी आयुष को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। कुल 28 अभ्यर्थियों को परीक्षा समाप्त होने से पहले हिरासत में ले लिया गया। [caption id="attachment_16902" align="aligncenter" width="1200"]
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मास्टरमाइंड समेत 7 मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड गुरमीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। गुरमीत फाजिल्का स्थित संत कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज का कर्मचारी बताया जा रहा है। उसके अलावा राजस्थान और हरियाणा से जुड़े कुल सात मुख्य ऑपरेटर गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के अनुसार तीन आरोपी राजस्थान और दो हरियाणा के रहने वाले हैं। भिवानी निवासी साजन सहित फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।अभ्यर्थियों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
हिरासत में लिए गए कई अभ्यर्थियों ने पूछताछ में महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। हरियाणा के झज्जर निवासी एक अभ्यर्थी ने बताया कि उसे क्रिकेट अकादमी के एक परिचित के माध्यम से इस गिरोह से जोड़ा गया था। परीक्षा से दो दिन पहले उसे जींद रेलवे स्टेशन से ब्लूटूथ डिवाइस लेने के निर्देश मिले थे। सरकारी नौकरी लगने के बाद 8 लाख रुपए देने की डील हुई थी। हालांकि परीक्षा के दौरान उसका ईयरपीस गिर गया, जिससे वह उत्तर नहीं सुन सका। फाजिल्का निवासी एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि एक पूर्व सहपाठी ने उसकी मुलाकात दलालों से करवाई थी। उससे नौकरी दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपए मांगे गए और सुरक्षा के तौर पर दो कोरे चेक भी ले लिए गए। परीक्षा शुरू होने के करीब एक घंटे बाद उसे ईयरपीस के जरिए लगभग 20 प्रश्नों के उत्तर सुनाए गए। तरनतारन और सिरसा के दो अभ्यर्थियों ने भी खुलासा किया कि फाजिल्का के एक निजी कॉलेज संचालक ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपए की मांग की थी और साइन किए हुए कोरे चेक भी अपने पास रख लिए थे। [caption id="attachment_20540" align="aligncenter" width="1200"]
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