ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Tuesday, 11 August 2026

Punjab News: पंजाब के हर स्कूल-कॉलेज में मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर सुनिश्चित करे सरकार: रविश राज

Punjab News: पंजाब के हर स्कूल-कॉलेज में मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर सुनिश्चित करे सरकार: रविश राज

डेली संवाद, जालंधर। Punjab News: कांग्रेस नेता और पंजाब ब्राह्मण बोर्ड के पूर्व निदेशक रविश राज शर्मा ने पंजाब सरकार से राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में योग्य मनोवैज्ञानिक (Psychologist) और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर (Mental Health Counsellor) उपलब्ध कराने के लिए व्यापक नीति बनाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस नीति को सख्ती से लागू करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों को समय पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके। रविश राज शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा, अंक और डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

चुनौतियों का सामना

आज बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के दबाव, चिंता, बुलिंग, पारिवारिक समस्याओं, करियर को लेकर असमंजस और अन्य मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में कई विद्यार्थियों को यह भी नहीं पता होता कि मदद के लिए किससे संपर्क करें।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी इस मांग को गंभीरता से नहीं लेती, तो वह पंजाब सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ सत्याग्रह शुरू करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का किया उल्लेख

रविश राज शर्मा ने वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि 100 या उससे अधिक विद्यार्थियों वाले प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में कम से कम एक योग्य काउंसलर, मनोवैज्ञानिक या प्रशिक्षित सोशल वर्कर की नियुक्ति अथवा सेवा उपलब्ध कराना आवश्यक बताया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा व्यवस्था के भीतर ऐसे विशेषज्ञ तक पहुंच मिलनी चाहिए, जो उसकी समस्याओं को गोपनीय तरीके से सुन सके, मानसिक तनाव के शुरुआती संकेतों की पहचान कर सके और जरूरत पड़ने पर उचित काउंसलिंग या विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफर कर सके।

मानसिक स्वास्थ्य मजबूत

रविश राज शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होगा तो उनका आत्मविश्वास, शैक्षणिक प्रदर्शन और भविष्य भी बेहतर होगा। इसलिए राज्य सरकार को इस दिशा में जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।