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Sunday, 02 August 2026

Punjab News: लुधियाना को मिली दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस की सौगात, CM भगवंत मान बोले- शिक्षा में पंजाब देश का नंबर-1

Punjab News: लुधियाना को मिली दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस की सौगात, CM भगवंत मान बोले- शिक्षा में पंजाब देश का नंबर-1

डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को लुधियाना के किदवई नगर और मिलर गंज में दो अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस जनता को समर्पित किए। इन दोनों स्कूलों के शुरू होने के साथ ही लुधियाना में स्कूल ऑफ एमिनेंस की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्रांति के बाद अब लुधियाना शिक्षा क्रांति में भी पंजाब का अग्रणी जिला बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा न बने।

आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं दोनों स्कूल

मुख्यमंत्री ने बताया कि किदवई नगर स्कूल ऑफ एमिनेंस का निर्माण 10.62 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह परिसर 8300 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 27 आधुनिक कक्षाएं, सात विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, प्रिंसिपल कक्ष और नौ शौचालय बनाए गए हैं।

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वहीं मिलर गंज स्कूल ऑफ एमिनेंस को 3.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यहां 11 कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, छह शौचालय, प्रिंसिपल कक्ष और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है।

लुधियाना बना शिक्षा क्रांति का केंद्र

भगवंत मान ने कहा कि अब लुधियाना में 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस संचालित हो रहे हैं। जिले के करीब 200 सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे का उन्नयन किया गया है और लगभग तीन लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले लुधियाना औद्योगिक राजधानी के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है।

निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में बढ़ा दाखिला

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लासरूम, विश्वस्तरीय प्रयोगशालाएं और विदेशों में प्रशिक्षित शिक्षकों के कारण अब बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है और यही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

पंजाब शिक्षा में 27वें से पहले स्थान पर पहुंचा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था, लेकिन लगातार सुधारों के बाद आज राज्य पहले स्थान पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग के ताजा आंकड़े भी यह दर्शाते हैं कि प्राथमिक और मिडिल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

NEET और JEE में सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 हो गई है।

इसी तरह 125 से अधिक विद्यार्थियों ने JEE Main परीक्षा उत्तीर्ण की है। अकेले लुधियाना जिले के 155 विद्यार्थियों ने NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिले के 201 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया और 7 स्वर्ण सहित 25 पदक जीतकर पंजाब का नाम रोशन किया।

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विद्यार्थियों से मिले मुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्कूल की कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई व भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

कई विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से ऑटोग्राफ लिए, जबकि कुछ ने अपने हाथों से बनाए स्केच और चित्र उन्हें भेंट किए। अभिभावकों ने भी सरकारी स्कूलों में हुए बदलावों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त पंजाब बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल बनाना नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त पंजाब का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों से बाहर निकलने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश किए जाएंगे, ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी विश्वस्तरीय शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकें।