Saturday, 31 October 2026
पंजाब
Punjab News: अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, मकान में तैयार हो रहीं थीं प्रतिबंधित दवाएं; एक गिरफ्तार
डेली संवाद, मोहाली। Punjab News: मोहाली के जीरकपुर में अवैध दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। रामगढ़ भूड्डा इलाके में एक रिहायशी मकान के अंदर कथित तौर पर बिना लाइसेंस चल रही दवा फैक्ट्री का एंटी नारकोटिक्स सेल और फूड एंड ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में स्टेरॉयड, प्रतिबंधित दवाएं और नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बरामद की हैं।
मौके से एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जांच एजेंसियां अब इस अवैध फैक्ट्री के मास्टरमाइंड, दवाओं की सप्लाई और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
रिहायशी मकान में चल रही थी अवैध दवा फैक्ट्री
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रामगढ़ भूड्डा इलाके में किराए पर मकान लेकर कथित तौर पर बिना किसी सरकारी अनुमति और वैध लाइसेंस के दवाओं का निर्माण किया जा रहा था। रिहायशी इलाके में चल रहे इस कारोबार की भनक लगने के बाद एंटी नारकोटिक्स सेल और फूड एंड ड्रग विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।
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कार्रवाई के दौरान स्टेरॉयड और प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक बरामद हुआ। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री में किन दवाओं का निर्माण किया जा रहा था और इनकी बिक्री कहां की जा रही थी।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होती थी दवाओं की सप्लाई
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि तैयार की गई प्रतिबंधित दवाओं और स्टेरॉयड की कथित तौर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सप्लाई की जाती थी।
एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इन दवाओं के खरीदार कौन थे और इन्हें किन-किन राज्यों में भेजा जाता था। इसके अलावा ऑनलाइन ऑर्डर लेने और दवाओं की डिलीवरी करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
मास्टरमाइंड और सप्लाई नेटवर्क की तलाश
जांच एजेंसियों के सामने अब कई अहम सवाल हैं। पुलिस और ड्रग विभाग इन बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं:
मास्टरमाइंड कौन? इस अवैध फैक्ट्री का असली संचालक कौन है और मकान किस व्यक्ति ने किराए पर लिया था?
कच्चा माल कहां से आता था? प्रतिबंधित दवाओं और स्टेरॉयड के निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाला रॉ मटेरियल कहां से खरीदा जाता था?
कहां होती थी सप्लाई? तैयार दवाओं को किन राज्यों और शहरों में भेजा जाता था?
ऑनलाइन नेटवर्क कौन संभालता था? दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी में कौन-कौन लोग शामिल थे?
आने वाले दिनों में हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। गिरफ्तार कर्मचारी से पूछताछ के आधार पर फैक्ट्री के संचालकों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने तथा पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है।