Thursday, 09 July 2026
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Satluj: दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, खालड़ा हत्याकांड के दोषी पूर्व DSP की तलाश के आदेश
डेली संवाद, चंडीगढ़।
Satluj: पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर चल रहा विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। मोहाली निवासी सरवन सिंह ने याचिका दायर कर फिल्म को दोबारा OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करवाने की मांग की है।
इसी बीच मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड को लेकर भी मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। नाभा ओपन एग्रीकल्चर जेल प्रशासन ने होशियारपुर पुलिस को पत्र भेजकर इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व DSP जसपाल सिंह का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
Diljit Dosanjh Satluj Row[/caption]
जसवंत सिंह खालड़ा[/caption]
बाद में हाईकोर्ट ने ASI अमरजीत सिंह को बरी कर दिया, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद कर दिया गया। अब पूर्व DSP जसपाल सिंह की तलाश को लेकर पुलिस कार्रवाई शुरू हो गई है।
निजी बॉन्ड पर जमानत मिली
होशियारपुर थाना सदर पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें पूर्व DSP जसपाल सिंह को तलाश करने के लिए कहा गया है। जानकारी के अनुसार, जसपाल सिंह को मई 2023 में नाभा ओपन एग्रीकल्चर जेल से एक लाख रुपये के निजी बॉन्ड पर जमानत मिली थी। [caption id="attachment_22817" align="aligncenter" width="1200"]
Diljit Dosanjh Satluj Row[/caption]
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बताया जा रहा है कि सितंबर 2022 में पंजाब सरकार ने जसपाल सिंह की सजा में समय से पहले राहत देने का प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा था, लेकिन इस पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। जेल प्रशासन ने अब पुलिस से उसकी स्थिति और ठिकाने की जानकारी जुटाने को कहा है। जेल अधिकारियों के अनुसार, हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश के आधार पर, यदि राज्य सरकार की ओर से भेजे गए सजा माफी प्रस्ताव पर राज्यपाल तीन महीने तक कोई फैसला नहीं लेते हैं तो अंतिम निर्णय आने तक कैदी को जमानत मिल सकती है। इसी आधार पर पटियाला की सीजेएम नवदीप कौर गिल ने जसपाल सिंह को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे।क्या है जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड?
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा को साल 1995 में अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस चर्चित मामले में 2005 में पटियाला की CBI अदालत ने तत्कालीन DSP जसपाल सिंह और ASI अमरजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि चार अन्य पुलिसकर्मियों को सात-सात साल की सजा दी गई थी। [caption id="attachment_22968" align="aligncenter" width="1200"]
जसवंत सिंह खालड़ा[/caption]
बाद में हाईकोर्ट ने ASI अमरजीत सिंह को बरी कर दिया, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद कर दिया गया। अब पूर्व DSP जसपाल सिंह की तलाश को लेकर पुलिस कार्रवाई शुरू हो गई है।