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Saturday, 01 August 2026

Nadeem Ansari Passes Away: वरिष्ठ पत्रकार नदीम अंसारी का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

Nadeem Ansari Passes Away: वरिष्ठ पत्रकार नदीम अंसारी का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

डेली संवाद, लुधियाना। Nadeem Ansari Passes Away: पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार नदीम अंसारी का निधन हो गया। उनके निधन के बाद पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके साथ काम कर चुके पत्रकारों और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

वरिष्ठ पत्रकार और डेली संवाद के एडिटर महाबीर सेठ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नदीम अंसारी एक बेहतरीन लिखाड़ पत्रकार के रूप में जाने जाते थे। विभिन्न विषयों पर उनकी गहरी पकड़, तथ्यपरक लेखन और बेबाक शैली ने उन्हें पत्रकारिता की दुनिया में अलग पहचान दिलाई।

साल 2013 में लुधियाना में जब मैं दैनिक भास्कर का सिटी एडिटर था, तब नदीम जी हमारे डिप्टी चीफ रिपोर्टर थे। हर बीट के पारंगत रिपोर्टर, किसी भी खबर और आर्टिकल को चुटकियों में पिरो देते थे। उन्हें हम लोग भाईजान कहते थे, भाईजान आज हमारे बीच नहीं रहे, मन बड़ा दुखी है।

विशेष सम्मान प्राप्त था

नदीम अंसारी की लेखनी में संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों की स्पष्ट झलक दिखाई देती थी, जिसके कारण पाठकों और सहकर्मियों के बीच उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।

वरिष्ठ पत्रकार नवीन श्रीवास्तव, अजय पुरुषोत्तम, योगेश शर्मा, अजय शुक्ला, अजीत पटेल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नदीम अंसारी केवल एक कुशल पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक सज्जन, मिलनसार और प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना

पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की है। वरिष्ठ पत्रकार नदीम अंसारी का योगदान हमेशा पत्रकारिता जगत में याद रखा जाएगा।

वरिष्ठ पत्रकार असगर अली जी ने लिखा- 'ओह, बहुत दुखद। उनसे कभी मिला नहीं, पर जालंधर में जब मैं लुधियाना डेस्क पर था, तो बातचीत और खबरों से ही उनसे दोस्ती हो गयी। इस तरह उनका जाना बहुत तकलीफ़देह है।'

वरिष्ठ पत्रकार अनिल मालवीय ने उन्हें श्रद्धांजलि अपर्ति करते हुए लिखा - 'अरे, बेहद अफसोसनाक खबर, खुश मिजाज़ मित्र, अकस्मात उनके साथ बिताए पल याद आ गये। अलविदा मित्र,,,,,,'

वरिष्ठ पत्रकार शिवराज द्रुपद लिखते हैं कि - 'Amar Ujala aur Dainik Bhaskar me sathi rahe nadlim bhai ka jana behad dukhad aur apoorneeya chhati'

नदीम भाई को आख़िरी सलाम

पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद श्रीवास्तव ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा - 'प्रिय मित्र नदीम भाई को आख़िरी सलाम...' नदीम भाई से मेरी पहली मुलाकात 29 दिसंबर 1996 को लखनऊ स्थित हिंदुस्तान अखबार के अशोक मार्ग कार्यालय में हुई थी। मैं उन्हें प्यार से "मौलाना" कहकर बुलाता था। उस समय नदीम भाई इंदिरा नगर क्षेत्र से एरिया रिपोर्टर के रूप में खबरें लिखते थे, जबकि मैं हिंदुस्तान के लिए लखनऊ में सेना से जुड़ी रिपोर्टिंग करता था।

25 नवंबर 1999 को जब मैंने अमर उजाला, जालंधर जॉइन किया, तो उसी दिन नदीम भाई का फोन आया। उन्होंने बड़े अपनत्व से कहा, "अरविंद भाई, आगे का सफर भी आपके साथ ही तय करना है। मुझे भी अपने साथ अमर उजाला, पंजाब ले चलिए।" संयोग से अमर उजाला, लुधियाना में एक पद खाली था और अपनी काबिलियत के दम पर उनका चयन हो गया। शुरुआती तीन महीने वे मेरे साथ जालंधर में रहे। उनकी इच्छा वहीं मेरे साथ काम करने की थी, लेकिन संस्थान ने उन्हें लुधियाना भेज दिया।

अगस्त 2013 में एक बार फिर हमारी राहें मिलीं। इस बार हम दोनों दैनिक जागरण, लुधियाना में साथ थे। बाद में बेहतर अवसर मिलने पर उन्होंने दैनिक भास्कर जॉइन कर लिया। संस्थान भले अलग हो गए, लेकिन हमारा रिश्ता कभी नहीं बदला। लगभग रोज ही मुलाकात होती थी और बातचीत का सिलसिला बना रहता था।

पिछले कुछ वर्षों से न मुलाकात हो सकी और न ही ढंग से बात, लेकिन दिलों की दूरी कभी नहीं आई। सच तो यह है कि नदीम भाई से मेरा रिश्ता सिर्फ़ सहकर्मी का नहीं, बल्कि आत्मीय मित्र का था।

उनका यूँ अचानक चले जाना दिल में एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना शायद कभी संभव नहीं होगा। उनका अपनापन, स्नेह, सादगी और दोस्ती निभाने का अंदाज़ हमेशा याद रहेगा। वे मेरे दिल में हमेशा एक अज़ीज़ दोस्त की तरह बसे रहेंगे।

अलविदा, नदीम भाई... आपकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। ईश्वर आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें।