Saturday, 15 August 2026
पंजाब
Punjab News: सिख बंदियों की रिहाई की मांग पर बवाल, चंडीगढ़ में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब की जेलों में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया।
कौमी इंसाफ मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मोहाली से चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस की ओर मार्च करने के लिए YPS चौक के पास जमा हुए। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए सुबह से ही चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर रास्तों को बंद कर दिया।
बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए ट्रैक्टर की मदद से पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी भीड़ के पीछे नहीं हटने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई की।

प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी गवर्नर हाउस की ओर बढ़े। उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
चंडीगढ़-मोहाली के रास्तों पर सख्ती
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ और मोहाली के बीच आवाजाही प्रभावित रही। कई प्रमुख रास्तों पर बड़े वाहनों को खड़ा कर बैरिकेडिंग की गई, जिससे दोनों ओर से आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति का जायजा लेने के लिए DC निशांत यादव, डीजीपी सारगप्रीत हुड्डा और SSP कंवरदीप कौर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
प्रदर्शन से एक दिन पहले शुक्रवार को जेल में बंद जगतार सिंह हवारा का एक वीडियो सामने आया था। इसमें उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की थी। उन्होंने युवाओं से वालंटियर के तौर पर व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वाले तत्वों से सतर्क रहने को कहा था।
पैरोल का मामला केंद्र के पास लंबित
जगतार सिंह हवारा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल की मांग की है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश राज्यपाल से की थी, जिसे आगे केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हवारा को पहले एक दिन की पैरोल देने का प्रस्ताव था, लेकिन उसने इसे स्वीकार नहीं किया था।