Thursday, 20 August 2026
बिजनेस
Sugar Price Hike: चीनी के दाम में बड़ा उछाल, एक महीने में 19 रुपये किलो महंगी हुई चीनी, 65 रुपये तक पहुंचा भाव
डेली संवाद, जालंधर। Sugar Price Hike: कभी चाय की मिठास बढ़ाने वाली चीनी अब आम आदमी की जेब का बजट बिगाड़ने लगी है। पिछले करीब एक महीने में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 46 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
यानी महज एक महीने में करीब 19 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। अचानक बढ़े दामों ने आम परिवारों के साथ-साथ किराना दुकानदारों, चाय विक्रेताओं और मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि चीनी की मांग नहीं बढ़ी है, लेकिन रेट अचानक बढ़ गए हैं।
चीनी के थोक भाव भी रिकॉर्ड स्तर पर
जानकारी के मुताबिक, थोक बाजार में चीनी की कीमत बढ़कर करीब 60 रुपये प्रति किलो के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई है। वहीं खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को यही चीनी करीब 65 रुपये प्रति किलो तक खरीदनी पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में चीनी की आपूर्ति फिलहाल अस्थिर बनी हुई है, जिसका असर सीधे खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है।
चीनी के दाम बढ़ने का असर केवल घरों के बजट तक सीमित नहीं है। चाय, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की लागत भी बढ़ने लगी है। चाय की दुकानों और मिठाई कारोबारियों के लिए कच्चे माल की लागत बढ़ने से मुनाफे पर दबाव बढ़ गया है।
घर का बजट बिगड़ा
जालंधर की गृहिणी काजल का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम पहले ही लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में चीनी जैसी जरूरी वस्तु के दाम में एक महीने के भीतर इतनी बड़ी वृद्धि से घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो रहा है।
वहीं किराना व्यापारी लवली के मुताबिक, थोक बाजार में लगातार भाव बढ़ने के कारण खुदरा कीमत बढ़ाना मजबूरी बन गया है। ग्राहकों को महंगी चीनी खरीदने में परेशानी हो रही है, लेकिन बढ़ी हुई लागत के कारण व्यापारी पुराने भाव पर बिक्री नहीं कर सकते।
स्टॉक लिमिट के बावजूद क्यों बढ़ रहे दाम?
खबर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए 1 अगस्त से 30 नवंबर तक चीनी का स्टॉक रखने की सीमा लागू की है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में चीनी के भाव में लगातार तेजी बनी हुई है। चीनी के साथ गुड़ की कीमतों में भी पिछले एक महीने में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मांग नहीं बढ़ी, फिर कीमतों में उछाल क्यों?
जालंधर के खुदरा व्यापारी एवं रिटेलर्स ने कहा कि मौजूदा कीमतों में बढ़ोतरी का मांग और आपूर्ति के वास्तविक आधार से कोई स्पष्ट संबंध नजर नहीं आता। उनके अनुसार, बाजार में चीनी की मांग में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई है और त्योहारी सीजन भी अभी शुरू नहीं हुआ है।
कारोबारी ने आरोप लगाया कि खुदरा कारोबारियों को नियमित रूप से चीनी का स्टॉक उपलब्ध नहीं होने के कारण बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन रहा है। यदि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों को लेकर आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ सकती है।
चीनी के लगातार बढ़ते दाम ने एक बार फिर महंगाई के दबाव को सामने ला दिया है। आम आदमी के लिए चाय से लेकर मिठाई तक हर चीज की लागत बढ़ने का असर अब सीधे घरेलू बजट पर दिखाई देने लगा है।