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Wednesday, 06 May 2026

Immigration Laws: धोखाधड़ी करने वालों की अब खैर नहीं, सरकार ने कड़े किए ट्रैवल एजेंट नियम, पढ़े

Immigration Laws: धोखाधड़ी करने वालों की अब खैर नहीं, सरकार ने कड़े किए ट्रैवल एजेंट नियम, पढ़े
डेली संवाद, हरियाणा। Immigration Laws: विदेश भेजने के नाम पर लगातार फ्रॉड करने के मामले बढ़ते जा रहे है। आए दिन फर्जी ट्रैवल एजेंटों द्वारा भोले-भाले को विदेश भेजने के झांसा देकर उनसे लाखों रुपए ठग लेते है। मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा ( Haryana ) सरकार ने विदेश भेजने, वीजा दिलाने और ट्रैवल कंसल्टेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए नए संशोधित ट्रैवल एजेंट कानून को लागू कर दिया है।

सजा के प्रावधान भी कड़े

पुराने कानून की तुलना में इसमें अब लगभग सभी प्रकार की वीजा सेवाओं, विदेश यात्रा सलाह और प्रचार नेटवर्क को कानूनी दायरे में लाया गया है। साथ ही सजा और दंड के प्रावधान भी काफी कड़े कर दिए गए हैं। यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा पहले स्टडी वीजा, टूरिस्ट वीजा, मेडिकल वीजा, धार्मिक यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल आयोजन या विवाह के आधार पर विदेश भेजने वाले कई एजेंट कानूनी निगरानी से बाहर रह जाते थे। नए कानून के तहत अब सभी एजेंट, कंसल्टेंट और बिचौलिये जवाबदेह होंगे और उल्लंघन की स्थिति में सीधे कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। [caption id="attachment_105942" align="aligncenter" width="1200"] Fraud Travel Agent Fraud Travel Agent[/caption] सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सेमिनार, विज्ञापन, वीजा सलाह, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन प्रचार जैसी गतिविधियों में शामिल सभी लोग कानून के दायरे में आएंगे। पहले फ्रीलांस एजेंट, सोशल मीडिया प्रचारक और छोटे कंसल्टेंट अक्सर निगरानी से बाहर रहते थे।

दस्तावेज़ जांच का दायरा बढ़ाया

इसके अलावा, नए कानून में दस्तावेज़ जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। अब शैक्षणिक प्रमाणपत्र, अंग्रेज़ी भाषा टेस्ट सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, टिकट, वीजा और डिजिटल रिकॉर्ड तक कानून के तहत शामिल होंगे। कानून का उल्लंघन करने पर एजेंट का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है, चाहे वह बिना लाइसेंस काम करना हो, फर्जी दस्तावेज़ लगाना हो, झूठे विज्ञापन देना हो या गलत सलाह देना हो।

कुछ अन्य प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

  • ट्रैवल एजेंट की परिभाषा में सुधार किया गया है, लेकिन विदेश में नौकरी दिलाने या भर्ती से जुड़ी सेवाएं इसमें शामिल नहीं होंगी।
  • आरोपियों के खिलाफ दस साल तक की सजा और अर्जित संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है।
  • विदेश में नौकरी भेजने वाले एजेंटों को प्रोटेक्टर जनरल ऑफ एमिग्रेट्स (PGE) के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • राज्य और केंद्रीय कानून में किसी भी टकराव की स्थिति में केंद्रीय कानून को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि इस संशोधन से धोखाधड़ी और गलत सलाह देने वाले एजेंटों पर प्रभावी नियंत्रण हो और विदेश जाने वाले नागरिक सुरक्षित और पारदर्शी सेवाएं प्राप्त कर सकें।