ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Tuesday, 04 August 2026

UP News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर यूपी विधानसभा में भारी हंगामा, सपा विधायक पूरे सत्र के लिए निष्कासित, CM योगी ने लगाए गंभीर आरोप

UP News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर यूपी विधानसभा में भारी हंगामा, सपा विधायक पूरे सत्र के लिए निष्कासित, CM योगी ने लगाए गंभीर आरोप

डेली संवाद, लखनऊ। UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar Pradesh Legislative Assembly) का मानसून सत्र मंगलवार को राम मंदिर (Ram Mandir) के चढ़ावा (दान) से जुड़ी कथित चोरी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बना।

सदन में लगातार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) ने सपा विधायक सचिन यादव (MLA Sachin Yadav) को पूरे सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया। इसके बाद सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।

सीएम योगी के भाषण के दौरान बढ़ा विवाद

विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री की तस्वीर लहराई, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताई। नाराज अध्यक्ष अपनी सीट से खड़े हो गए और सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर करने का आदेश दिया।

महाना ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ इस तरह का व्यवहार सदन की मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

सदन के बाहर धरने पर बैठे सपा विधायक

निष्कासन के बाद सचिन यादव विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में सपा की विधायक रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान समेत 20 से अधिक विधायक भी धरने में शामिल हुए। बाद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय मौके पर पहुंचे और बातचीत के बाद सचिन यादव ने धरना समाप्त कर दिया।

सदन में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

सदन के भीतर हंगामा लगातार जारी रहा। भाजपा और सपा के विधायक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान दोनों दलों की महिला विधायक भी आमने-सामने आ गईं। स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया।

इससे पहले भी सुबह शुरू हुई कार्यवाही महज 20 मिनट ही चल सकी थी। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन को दोपहर तक स्थगित करना पड़ा। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया।

CM योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

सदन की कार्यवाही के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और वह सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सदन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की पीठ का अपमान किया गया तथा मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का प्रयास भी हुआ। उन्होंने इसे अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने जानबूझकर हंगामे का रास्ता चुना।

राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर क्या बोले योगी?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन सरकार ने नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया गया था और सरकार का उसके संचालन में कोई हस्तक्षेप नहीं है।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मंदिर में 1100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से केवल 8 कर्मचारियों के खिलाफ आरोप सामने आए हैं।

योगी ने यह भी कहा कि इस मामले में किसी साधु का नाम सामने नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लगातार राम मंदिर को लेकर भ्रामक प्रचार कर रही हैं।

"राम मंदिर का विरोध करने वाले आज सवाल उठा रहे"

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन दलों ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने उसमें भाग नहीं लिया। योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का रवैया सनातन विरोधी रहा है और वह धार्मिक मुद्दों पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र जनता के मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन विपक्ष ने हंगामा कर सदन का बहुमूल्य समय नष्ट किया। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी दलों को आश्वासन दिया गया था कि नियमों के तहत हर विषय पर चर्चा होगी, फिर भी विपक्ष ने सदन की कार्यवाही बाधित की।

यूपी विधानसभा में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर हुआ यह टकराव अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष पर सदन की गरिमा भंग करने और राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को उछालने का आरोप लगा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।