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Tuesday, 07 April 2026

UP News: एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे यूपी के बस स्टेशन

UP News: एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे यूपी के बस स्टेशन
डेली संवाद, लखनऊ। UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टेशनों के विकास के द्वितीय चरण को मंजूरी दे दी गई है। इस चरण में प्रारंभिक रूप से प्रस्तावित 54 बस स्टेशनों में से 6 अनुपयुक्त स्टेशनों को हटाते हुए तथा जनपद चंदौली को शामिल करते हुए कुल 49 बस स्टेशनों को विकसित किया जाएगा। यह परियोजना पीपीपी के डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ट, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) मॉडल पर लागू की जाएगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं आएगा।

8 साल में पूरी करनी होगी परियोजना

प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत बस स्टेशनों को अत्याधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जहां यात्रियों को शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छता एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पात्रता शर्तों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। तकनीकी क्षमता की शर्त को परियोजना लागत के 150% से घटाकर 100% किया गया है, वहीं परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा 5 से बढ़ाकर 8 वर्ष कर दी गई है। नेट वर्थ की अनिवार्यता परियोजना लागत का 25% निर्धारित की गई है तथा कंसोर्टियम में सदस्यों की अधिकतम संख्या 3 से बढ़ाकर 4 कर दी गई है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कर कोरोना संक्रमण की प्रत्येक चेन को तोड़ना है: मुख्यमंत्री

12 माह में शुरू करना होगा काम

सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने पर परियोजना का काम शुरू करने की समय सीमा भी 6 माह से बढ़ाकर 12 माह कर दी गई है। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए सभी स्थलों पर 2.5 फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) और ग्राउंड कवरेज की निःशुल्क अनुमति देने का प्रस्ताव है। लीज अवधि 35 या 90 वर्ष निर्धारित की गई है और इसके समाप्त होने पर स्वामित्व स्वतः ही उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को प्राप्त हो जाएगा। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि बिडिंग प्रक्रिया के दौरान यदि किसी संशोधन की आवश्यकता होती है, तो उसके लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया जाएगा। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में 23 बस स्टेशनों (लखनऊ, कानपुर, आगरा सहित) को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है और द्वितीय चरण के 49 बस अड्डों के साथ अब कुल 52 जनपद इस योजना से आच्छादित हो जाएंगे, जबकि शेष 23 जनपदों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। परियोजना में ₹4000 करोड़ से अधिक निवेश आने का अनुमान है (पहले चरण में लगभग ₹2500 करोड़), जिसके तहत बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करते हुए वीआईपी लाउंज, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कुल क्षेत्रफल का लगभग 55% हिस्सा सार्वजनिक सुविधाओं और 45% व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग होगा।

₹4000 करोड़ से अधिक निवेश आने का अनुमान

परिवहन मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में मंजूर किए गए अन्य प्रस्तावों के तहत सिकंदराराऊ (हाथरस), नरौरा (बुलंदशहर) और तुलसीपुर (बलरामपुर) में नए बस अड्डों के निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है। परियोजना के तहत निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने तथा व्यावसायिक गतिविधियों को सात वर्षों में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रतिदिन 15 से 23 लाख यात्री परिवहन सेवाओं का उपयोग करते हैं, जो त्योहारों के दौरान 30 से 35 लाख तक पहुंच जाते हैं, ऐसे में यह योजना यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही शहरी भीड़भाड़ कम करने में भी सहायक होगी। नरौरा में बस स्टेशन के साथ डिपो कार्यशाला स्थापित की जाएगी, जबकि तुलसीपुर में देवीपाटन मंदिर के निकट यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक बस स्टेशन का निर्माण होगा। इन बस स्टेशनों को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां दुकानों और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।