Monday, 08 June 2026
उत्तर प्रदेश
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह संग क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का किया शुभारंभ
डेली संवाद, लखनऊ।
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्यों के परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना से उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। यूपी देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है।
महज 11 फीसदी कृषि योग्य भूमि में यूपी देश का 21 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन करता है। समय पर मौसम, बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि या ओलावृष्टि की जानकारी नहीं मिलेगी तो हम किसानों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे। क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना मौसम की और सटीक जानकारी प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Yogi Adityanath with Union Minister of State Jitendra Singh, inaugurated the Regional Meteorological Centre[/caption]
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री ने सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह संग बटन दबाकर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया। इसे लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र को परिवर्तित कर स्थापित किया गया है। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि हम लोग सीजन में अतिवृष्टि-अनावृष्टि, आकाशीय बिजली आदि के संबंध में मेट्रोलॉजिकल व अन्य विभागों की बैठक में चर्चा करते थे कि समय पर सटीक जानकारी मिलने से सही रणनीति संभव होती है।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
आज केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में लखनऊ खुद को मेट्रोलॉजिकल रीजनल सेंटर के रूप में स्थापित कर रहा है। य़ह यूपी के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सीएम ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के प्रति आभार भी जताया। [caption id="attachment_20321" align="alignnone" width="1200"]
Yogi Adityanath with Union Minister of State Jitendra Singh, inaugurated the Regional Meteorological Centre[/caption]
12 वर्ष में आए परिवर्तन का दिखता है लाभ
सीएम ने कहा कि आजादी के बाद इस विषय पर अपेक्षित ध्यान न देने का परिणाम था कि अन्नदाता किसान अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाए। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनधन की हानि को रोकने वाले प्रयास भी अधूरे रहे। लेकिन, पिछले 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में डॉ. जितेंद्र सिंह ने जो अभियान प्रारंभ किया, उसका परिणाम सभी देख रहे हैं। 12 वर्ष पहले बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, आकाशीय बिजली के खतरों के बारे में जो जानकारी मिलती थी, होता उससे ठीक उल्टा था, लेकिन अब मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त हो रही है।आपदा से तीन घंटे पहले मोबाइल पर अलर्ट
सीएम ने कहा कि 13 मई को आंधी-तूफान से प्रदेश के कुछ जनपदों में जनधन की काफी हानि हुई थी। बैठक में मैंने पूछा कि अर्ली वार्निंग सिस्टम क्यों काम नहीं कर रहा था। पता चला कि सिस्टम तो काम कर रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की सक्रियता का अभाव है। फिर रात में पूरे प्रदेश के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मैंने कहा कि जब आपको अलर्ट मिल रहा है तो आपको भी स्थानीय स्तर पर लोगों व संस्थाओं को अलर्ट करना चाहिए। इस बैठक के चौथे-पांचवें दिन भी आपदा आई, लेकिन तीन घंटे पहले सबके मोबाइल पर अलर्ट आना प्रारंभ हो गया।सीएम ने किया सहारनपुर की घटना का जिक्र
सीएम ने सहारनपुर की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहां शिवालिक पहाड़ी की तलहटी में मां शाकम्भरी देवी का मंदिर है। देहरादून व शिवालिक पहाड़ियों में भारी बरसात हुई। यहां बारिश होने से एकत्र होने वाला जल बाढ़ जैसा माहौल पैदा कर देता है। उस समय मंदिर में कीर्तन चल रहा था, काफी श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन मौसम विभाग ने समय से सही जानकारी दी तो सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया, जिससे जनधन की व्यापक हानि रुक गई।अर्ली वार्निंग सिस्टम का लाभ
सीएम ने कहा कि मीरजापुर, सोनभद्र, चंदौली आदि कई जनपदों में आकाशीय बिजली का खतरा बहुत रहता है। हर वर्ष 100-150 लोगों की मौत होती थी। चार-पांच वर्ष पहले प्रयागराज से पटना के बीच एक ही दिन में 90 मौतें हुई थीं। इसमें यूपी के 30 व बिहार के 60 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एमडीएमए, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की बैठक में मैंने पूछा कि आखिर इन मौतों को कौन रोकेगा। क्या इसे तकनीक से रोका नहीं जा सकता, तब विभाग ने बताया कि यह संभव है। अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने का परिणाम है कि उक्त जिलों में हर वर्ष होने वाली मौत के आंकड़े घटकर महज दर्जन भर रह गए। लोगों को भी ऐसे मौसम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, सतर्क रहना चाहिए।अपना सेटेलाइट चाहती है राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी को सदैव डॉ. जितेंद्र सिंह का सकारात्मक सहयोग मिलता है। मौसम की पूर्व जानकारी किसानों की आमदनी बढ़ाने और आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि, अनावृष्टि व ओलावृष्टि के कारण होने वाली जनधन की हानि को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमने इसरो से भी अनुरोध किया था कि राज्य सरकार चाहती है कि उसके पास अपना सेटेलाइट हो, जो मौसम की और सटीक जानकारी उपलब्ध करा सके।चिड़िया व जानवरों का व्यवहार बता देता था मौसम का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य ने जबसे बुद्धिमत्ता का उपयोग प्रारंभ किया होगा, उसके लिए सबसे पहले मौसम की जानकारी, आकाश में चमकती बिजली, बादलों से होने वाली वर्षा जैसी स्थितियां कौतूहल का विषय बनीं। ऋषि-मुनियों ने स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पंचांग का निर्माण किया। आज भी ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर की गई गणना मौसम की सटीक जानकारी का आधार बनती है। लोक कहावतों, लोक परंपराओं में भी हम देखते थे कि अमुक चिड़िया की बोली या जानवरों का व्यवहार परिवर्तन मौसम की पूर्व जानकारी देने का माध्यम बनता था।मौसम चक्र में आया एक महीने का अंतर
सीएम ने कहा कि क्लाईमेट चेंज होने से मौसम चक्र में लगभग एक महीने का अंतर आया है। यही हाल रहा तो देश-दुनिया के सामने भीषण खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है। हमने स्वार्थ के लिए प्रकृति का दोहन किया है तो प्रकृति भी हमसे विमुख होती दिख रही है। यदि हम संस्कारों को पुनर्जीवित और धऱती मां के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन कर लें तो इसे सुधारने में मदद मिल सकती है। समय पर मौसम विभाग की जानकारी मिलने से किसानों व अर्थव्यवस्था को होने वाली क्षति तथा खाद्यान्न संकट टालने में सफल हो सकते हैं।