Friday, 14 August 2026
उत्तराखंड
Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड में बड़ा हादसा, चमोली टनल में लैंड स्लाइड, अब तक 7 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू अभियान जारी
डेली संवाद, चमोली। Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। टनल में अचानक पानी का तेज रिसाव और भू-स्खलन (लैंडस्लाइड) होने से कई मजदूर अंदर फंस गए। अब तक इस हादसे में 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3 मजदूर अभी भी टनल के भीतर फंसे हुए हैं।
राहत एवं बचाव दल ने अब तक 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाए गए मजदूरों में से 11 घायलों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल मजदूर को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के हायर सेंटर रेफर किया गया है। प्रशासन के अनुसार टनल के अंदर लगातार पानी और मलबा भरने के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
शाम 7 बजे हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार यह हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 7 बजे पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टनल में हुआ। अचानक टनल के भीतर पानी का रिसाव शुरू हो गया, जिसके साथ ही भू-स्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा अंदर भर गया। उस समय कई मजदूर टनल के भीतर काम कर रहे थे और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।
युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मौके पर एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना, आईटीबीपी (ITBP), पुलिस और फायर सर्विस की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। टनल के भीतर पानी और मलबा होने के कारण मशीनों और बचावकर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार घटनास्थल पर 22 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 42 सदस्य, डीआरएफ के 4 कर्मी और फायर सर्विस के 9 जवान तैनात हैं। इसके अलावा गौचर और जोशीमठ से भी सेना, आईटीबीपी और अन्य राहत दलों की अतिरिक्त टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया हालात का जायजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की पहली प्राथमिकता रेस्क्यू
जिलाधिकारी गौरव कुमार लगातार रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि बचाव दल बिना रुके अभियान चला रहे हैं और टनल में फंसे तीनों मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है।