Wednesday, 06 August 2025
उत्तराखंड
Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड में महातबाही, एक नहीं 3 बादल फटे; कईयों की मौत, 100 से ज्यादा लापता!
डेली संवाद, उत्तरकाशी।
Uttarakhand Cloudburst News Update Live: उत्तराखंड में भारी तबाही मची है। उत्तरकाशी (
Uttar Kashi
) के हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटने के बाद धराली व हर्षिल से भयावह तस्वीर सामने आई है। यहां हर्षिल व धराली के बीच अस्थाई झील बन गई है, जिससे भागीरथी नदी का प्रवाह थम सा गया है।
जलस्तर बढ़ने से लगा
Uttarkashi Cloud Burst[/caption]
Uttarakhand[/caption]
बादल फटने से भारी तबाही मच गई
उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार दोपहर 1.45 बजे बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे से गंगोत्री तीर्थयात्रियों के प्रमुख पड़ाव धराली गांव के बाजार, मकान और होटल बह गए।यह भी पढ़ें: अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर ब्रिटेन का सनसनीखेज खुलासा
सिर्फ 34 सेकेंड में सब कुछ बर्बाद हो गया। धराली के अलावा हर्षिल और सुक्की में बादल फटा है। हर्षिल इलाके में बादल फटने से सेना के 8 से 10 जवानों के लापता होने की खबर है। प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी की टीमें बचाव और रेस्क्यू के काम में जुटी हैं। अब तक 130 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। पुलिस प्रशासन ने भी नदी के आसपास खतरे वाले स्थानों पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।जलस्तर बढ़ने से लगा
तार निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
बता दें कि नदी व नालों में बादल फटने के बाद बड़ी मात्रा में आने वाले मलबे से नदियों का प्रवाह अवरुद्ध होने का खतरा होता है। बीते 28 जून को यमुनाघाटी के सिलाई बैंड क्षेत्र में बादल फटने सहित कुपड़ा गाड अतिवृष्टि के कारण उफान पर आ गई आई थी। कुपड़ा गाड में आए मलबे के चलते यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से स्यानाचट्टी में झील बन गई थी, जिसके चलते कई होटल व आवासीय भवनों की निचली मंजिल में पानी घुस गया था। वर्तमान में वहां पर नदी के चैनलाइजेशन का काम चल रहा है। अब गंगाघाटी की हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटने से भागीरथी नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से झील बनने की तस्वीरें सामने आई है। इस झील के कारण हर्षिल का हेलीपैड में भी मलबे व पानी से जलमग्न हो चुका है। वहीं, नदी का जलस्तर बढ़ने से लगातार निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। [caption id="attachment_80670" align="aligncenter" width="1200"]
Uttarkashi Cloud Burst[/caption]
ढाई घंटे के अंतराल में फटे तीन बादल
जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अनुसार, मंगलवार को उत्तरकाशी में ढाई घंटे के अंतराल में तीन बादल फटने की घटनाएं हुई, इसके चलते जहां धराली में भारी नुकसान हुआ। वहीं, हर्षिल व गंगनानी के मध्य निकट सुक्की टाप व आर्मी कैंप हर्षिल में भी आपदा जैसे हालात उत्पन्न हो गए। जलशक्ति मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बादल फटने की पहली घटना दोपहर एक बजे घटी, जिसके चलते खीरगंगा नदी में मलबा व पानी के साथ बाढ़ आ गई। [caption id="attachment_76038" align="aligncenter" width="1200"]
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