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Saturday, 05 September 2026

Visa Fraud: अमेरिका जाने की चाहत पड़ी महंगी, एजेंट ने ऐंठे ₹40 लाख; 10 महीने रिफ्यूजी कैंप में रहा युवक

Visa Fraud: अमेरिका जाने की चाहत पड़ी महंगी, एजेंट ने ऐंठे ₹40 लाख; 10 महीने रिफ्यूजी कैंप में रहा युवक

डेली संवाद, लुधियाना। Visa Fraud: लुधियाना में अमेरिका भेजने के नाम पर एक युवक से 40 लाख रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। जमालपुर के सुखदेव नगर निवासी गुरदीप सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि गांव खस्सां निवासी एजेंट राकेश कुमार ने उसे अमेरिका भेजने का भरोसा देकर लाखों रुपए लिए, लेकिन उसे सीधे अमेरिका भेजने के बजाय कंबोडिया समेत कई देशों में घुमाता रहा।

गुरदीप के मुताबिक, वह आखिरकार अमेरिका पहुंचा, जहां करीब 10 महीने तक टेक्सास के एक रिफ्यूजी कैंप में रहा। इसके बाद 25 जून 2025 को उसे अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया। भारत लौटने के बाद जब उसने एजेंट से अपने पैसे वापस मांगे तो कथित तौर पर उसे लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।

मामा के जरिए एजेंट से हुआ संपर्क

पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी एजेंट के खिलाफ थाना जमालपुर में FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस को दी शिकायत में गुरदीप सिंह ने बताया कि वह विदेश जाकर बसना चाहता था। इसी सिलसिले में उसने अपने मामा संतोख सिंह निवासी गांव कुम्मरावां, कपूरथला से बात की।

मामा ने उसकी मुलाकात गांव खस्सां निवासी राकेश कुमार से करवाई। शिकायत के मुताबिक, राकेश कुमार कुम्मरावां में कपड़ों की दुकान चलाता था और लोगों को विदेश भेजने का काम भी करता था।

अमेरिका भेजने के लिए मांगे थे 44 लाख रुपए

गुरदीप ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त 2023 को वह अपने पिता के साथ राकेश की दुकान पर गया था। आरोप है कि राकेश ने दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों को विदेश भेज चुका है और उसे अमेरिका भेजने के लिए 44 लाख रुपए मांगे।

बाद में कथित तौर पर सौदा 40 लाख रुपए में तय हुआ। शुरुआत में राकेश ने 2 लाख रुपए, मूल पासपोर्ट और निवास संबंधी दस्तावेज अपने पास रख लिए।

कंबोडिया के रास्ते अमेरिका भेजने का दावा

शिकायतकर्ता के अनुसार, एजेंट ने उसे बताया कि उसे कंबोडिया के रास्ते अमेरिका भेजा जाएगा। 29 अगस्त 2023 को वह दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुआ। पहले उसे मुंबई की टिकट दी गई और मुंबई पहुंचने के बाद व्हाट्सऐप के जरिए कंबोडिया की टिकट भेजी गई।

कंबोडिया पहुंचने के बाद कथित तौर पर एजेंट ने उससे 6 लाख रुपए और मांगे। गुरदीप के पिता और मामा ने यह रकम दी।इसके बाद उसे एजेंट के साथियों के जरिए कई देशों से होते हुए दुबई पहुंचाया गया। आरोप है कि दुबई पहुंचने के बाद राकेश ने उसे वापस भारत बुला लिया और भरोसा दिया कि अब उसे सीधे अमेरिका भेज दिया जाएगा।

दोबारा पासपोर्ट और दस्तावेज लिए

गुरदीप के अनुसार, वह 6 जनवरी 2024 को भारत वापस आया। इसके बाद राकेश ने कथित तौर पर दोबारा उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए और अमेरिका भेजने की बात कही।

काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कोई प्रगति नहीं हुई तो गुरदीप ने एजेंट से कहा कि जो वास्तविक खर्च हुआ है, वह काटकर बाकी रकम और उसके दस्तावेज वापस कर दिए जाएं। आरोप है कि एजेंट ने ऐसा नहीं किया।

सुरिनाम भेजा, फिर मांगे लाखों रुपए

शिकायत के मुताबिक, 13 मई 2024 को राकेश ने गुरदीप को दोबारा दक्षिण अमेरिका के देश सुरिनाम भेज दिया। इसके बाद उसके पिता ने राकेश को कुम्मरावां स्थित संतोख सिंह के घर पर 13 लाख रुपए दिए।

गुरदीप ने पुलिस को कथित तौर पर उस भुगतान से संबंधित वीडियो फुटेज भी उपलब्ध करवाई है, जिसमें राकेश के पैसे लेने की बात सामने आने का दावा किया गया है।

ग्वाटेमाला और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचा

गुरदीप के मुताबिक, सुरिनाम से उसे ग्वाटेमाला भेजा गया। आरोप है कि वहां राकेश ने उससे 15 लाख रुपए और मांगे। इसके बाद गुरदीप करीब दो महीने मैक्सिको सिटी में रहा। शिकायत के अनुसार, इस दौरान एजेंट ने उससे 4 लाख रुपए और मांगे, जो उसके पिता ने दिए।

गुरदीप का दावा है कि इसके बाद उसने अमेरिका की सीमा पार की और टेक्सास के एक रिफ्यूजी कैंप पहुंचा। वहां वह करीब 10 महीने तक रहा। हालांकि, अमेरिका में उसका सफर ज्यादा लंबा नहीं चल सका और 25 जून 2025 को उसे डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया।

पैसे वापस मांगने पर भी कथित तौर पर टालमटोल

भारत लौटने के बाद गुरदीप ने कई बार राकेश से अपने पैसे वापस मांगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राकेश हर बार रकम वापस करने में टालमटोल करता रहा। गुरदीप के मुताबिक, भारत लौटने के करीब एक साल बाद भी उसे कथित तौर पर अपनी रकम वापस नहीं मिली।

पुलिस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी राकेश कुमार को जांच में शामिल होने के लिए उसके मोबाइल नंबर पर कई बार नोटिस भेजे गए। रिपोर्ट के अनुसार, उसे 23 अप्रैल, 13 मई, 22 मई, 9 जून और 22 जून 2026 को नोटिस भेजे गए। पुलिस ने फोन के जरिए भी उससे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि वह बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ।

पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच

जांच अधिकारी ASI साहिब सिंह ने बताया कि आरोपी राकेश कुमार के खिलाफ थाना जमालपुर में IPC की धारा 420 के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नोट: यह खबर शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए आरोपों और पुलिस जांच से संबंधित जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।