कर्फ्यू में पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों में उमड़ी भीड़, 20 दिन में 26,000 से ज्यादा नशा पीड़ित पहुंचे, जाने वजह

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डेली संवाद, चंडीगढ़
पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा-मुक्ति प्रोग्राम के अंतर्गत कर्फ्यू के दौरान 26,000 से अधिक की संख्या में नए नशा-पीडि़त शामिल हो गए हैं। इस प्रोग्राम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर जिले में मरीज़ों के इलाज के लिए लगातार दवाएँ भेजी जा रही हैं, जिससे किसी भी स्तर पर चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों।

इस संबंधी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के आदेशों पर सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस सम्बन्धी पुख्ता प्रबंधों के अलावा नशा-मुक्ति प्रोग्राम के अधीन नए नशा-पीडि़त मरीज़ों को रजिस्टर करने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है, जिसके अधीन केवल 20 दिनों में ही 26,000 से अधिक मरीज़ रजिस्टर किए गए हैं।

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बुपरेनोरफाईन नलोक्सोन दवाओं की डोज़

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के ख़तरे को ध्यान में रखते हुए पंजाब में कर्फ्यू लगाया गया है, जिसका प्रभाव नशा-मुक्ति प्रोग्राम पर पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सेवाएं न मिलने की सूरत में मरीज़ के इलाज छोडऩे की संभावना होती है जोकि मरीज़ के लिए घातक भी हो सकती है, जिसके लिए अब घर ले जाने के लिए (टेक होम डोज़) दवा की समय सीमा 21 दिन तक कर दी गई है, परन्तु यह दवा केवल साइकैटरिस्ट की सलाह के उपरांत ही मरीज़ को दी जा रही है।

बलबीर सिंह सिद्धू ने आगे बताया कि नोवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान नशों के पीडि़त मरीज़ों के लिए बड़ी राहत के तौर पर पंजाब सरकार ने 198 ओट (ओ.ओ.टी.) क्लीनिक, 35 सरकारी नशा मुक्ति केन्द्रों और 108 लाइसेंसशुदा प्राईवेट नशा मुक्ति केन्द्रों को मानसिक रोगों के डॉक्टर द्वारा मुल्यांकन के बाद रजिस्टर्ड मरीज़ों को बुपरेनोरफाईन नलोक्सोन दवाओं की डोज़ घर ले जाने की सुविधा देने की मंज़ूरी दी है।

सिविल सर्जनों को निर्देश भी जारी कर दिए

उन्होंने कहा कि दवा देने के दौरान सामाजिक दूरी रखी जा रही है और मरीज़ों को सचेत किया जा रहा है कि कोरोना एक जानलेवा बीमारी है और यदि ज़्यादा बुख़ार, सूखी खाँसी और साँस लेने में दिक्कत होती है तो वह लाजि़मी तौर पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस सम्बन्धी सभी सिविल सर्जनों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और चिकित्सा सेवाओं समेत नशा मुक्ति प्रोग्राम के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू और लॉकडाउन के इस समय के दौरान सरकार ने नशे के आदी पीडि़त मरीज़ों के इलाज और देखभाल के लिए विशेष पहलकदमियां की हैं जिससे अधिक से अधिक नौजवान नशों की आदत से छुटकारा पा सकें।

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गुमराह नौजवानों को फिर सही रास्ते पर लाएं

उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज़ों को उनके सम्बन्धित नशा मुक्ति केन्द्रों और ओओएटी क्लिनिकों में आने सम्बन्धी सुविधा देने के लिए पंचायतें, समाज सेवीं संस्थाएं और नौजवान सभाओं के साथ संपर्क किया जा रहा है, जिससे गुमराह नौजवानों को फिर सही रास्ते पर लाया जा सके, जो कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर-104 पर दिन-रात चिकित्सक सेवाओं समेत नशा-मुक्ति प्रोग्राम की सेवाएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं।















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