लॉकडाउन पर नई गाइडलाइंस, हाईवे पर खुलेंगे ढाबे, प्लंबर, बिजली मकैनिक्स समेत इन्हें मिली छूट, पढ़ें

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के दूसरे चरण के लिए बुधवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिशानिर्देशों में साफ तौर पर बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान किन गतिविधियों, सेवाओं पर बंदिशें बरकरार रहेंगी और किन्हें छूट मिलेगी।

हॉटस्पॉट्स में लॉकडाउन को लेकर किसी तरह की छूट नहीं होगी। छूट का आधार क्या होगा, उसके लिए शर्तें क्या होंगी, ये भी गाइडलाइंस में विस्तार से बताया गया है। सरकार ने पोस्टल सर्विसेस को बंदिशों से मुक्त रखा गया है। रेलवे ट्रांसपोर्टेशन, रोड ट्रांसपोर्टेशन को इजाजत दी गई है।

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पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पब्लिक प्लेस पहले की तरह रहेंगे बंद

लॉकडाउन 2.0 के दौरान भी सभी तरह के सार्वजनिक यातायात और सार्वजनिक स्थानों को खोलने पर तीन मई तक रोक है। यानी इस दौरान बस, मेट्रो, ट्रेन, फ्लाइट, ऑटो, कैब, टैक्सी आदि के चलने पर पर प्रतिबंध जारी रहेगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना एक दंडनीय अपराध बन गया है और शराब, गुटखा, तंबाकू आदि की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लागू है।

शिक्षण संस्थान, मॉल्स, सिनेमा हॉल्स बंद रहेंगे

इस दौरान शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग केंद्र, घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात, ट्रेन सेवाएं भी स्थगित रहेंगी। सिनेमाघर, मॉल्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिमखाने, खेल परिसर, स्विमिंग पूल, बार जैसे सार्वजनिक स्थान भी तीन मई तक बंद रहेंगे। सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, धार्मिक समारोह, धार्मिक स्थल, प्रार्थना स्थल तीन मई तक जनता के लिए बंद रहेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों को छूट

दिशा निर्देश के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियों को सीमित दायरे में इजाजत दी गई है। दिशा निर्देश के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में इंडस्ट्री को मुक्त रखा गया है, लेकिन शर्त यह है कि वह शहरी निकाय के क्षेत्र में नहीं आता हो। जिन क्षेत्रों को रियायत दी गई है उसमें स्पेशल इकॉनमिक जोन भी शामिल हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में सामाजिक दूरी बनाए रखना होगा।

आईटी हार्डवेयर, सड़क निर्माण, कोयला उद्योग को भी छूट

खाद्य प्रसंस्करण, आईटी हार्डवेयर, कोयला उद्योग, खान उद्योग, तेल रिफाइनरी इंडस्ट्री, पैकेजिंग इंडस्ट्री और जूट उद्योग को राहत दी गई है। ये उद्योग 20 अप्रैल से काम कर सकेंगे। इसके साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट भट्ठे चलाने को भी इजाजत दी गई है। सड़क निर्माण, सिंचाई प्रोजेक्ट और बिल्डिंग निर्माण कार्य को भी प्रतिबंध के दायरे से मुक्त कर दिया गया है।

लॉकडाउन की बंदिशों से कृषि क्षेत्र मुक्त

लोगों को कम से कम असुविधा हो इसीलिए सीमित गतिविधि की इजाजत दी गई है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन किया जाने की शर्त पर। सभी प्रकार की हेल्थ सर्विसेस को छूट दी गई है। दवाइयों के मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग को इजाजत दी गई है। सभी तरह की खेतीबाड़ी को मुक्त रखा गया है। मंडियों को इस से रियायत दी गई है। कृषि क्षेत्र से सम्बंधित दुकानों को खुलने की इजाजत दी गयी है। कृषि से संबंधित मशीन और कलपुर्जे की दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है। बागबानी गतिविधियों को भी छूट।

मछली पालन और पशु पालन को छूट

मछ्ली पालन को पूरी तरह छूट दी गई हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाने वाला मनरेगा को पूरी तरह छूट दी गई है। नई गाइडलाइन के मुताबिक गैस, तेल ,एलपीजी, पीएनजी के उत्पादन और वितरण को छूट दी गई है। पावर सेक्टर को पूरी तरह से मुक्त रखा गया है।

प्लंबर, मकैनिक्स को भी छूट

इसके साथ साथ इलेक्ट्रिक, आईटी, मोटर मैकेनिक, प्लंबर, कारपेंटर इन सब को छूट दी गई है। ये लोग 20 अप्रैल के बाद सामाजिक दूरी बनाते हुए अपना काम जारी रख सकते हैं।

हाईवेज पर ढाबों को इजाजत

इस बार लॉकडाउन के दौरान हाईवेज पर चलने वाले ‘ढाबे’ खुले रहेंगे। इसके अलावा ट्रक मरम्मत की दुकानें भी खुली रहेंगी। लॉकडाउन के पहले चरण में इन्हें छूट नहीं थी इस वजह से ट्रकर्स को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। हालत यह हुई कि एनएचआईए को टोल प्लाजों पर ट्रक ड्राइवरों और उनके हेल्परों के लिए खाने-पीने का इंतजाम करना पड़ा। बंद के दौरान किराने की दुकान, फल, सब्जियों की दुकानें/ठेले, दूध के बूथ, अंडे, मांस तथा मछली की दुकान खुली रहेंगी।

दवा, मेडिकल डिवाइसेज बनाने वाले यूनिट्स को छूट

दवा, चिकित्सा उपकरण बनाने वाले यूनिट्स 20 अप्रैल से खुलेंगे। साथ ही ऐम्बुलेंस खरीदने समेत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कार्य भी तभी से शुरू होगा। रक्षा, अर्द्धसैन्य बल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आपदा प्रबंधन, एनआईसी, एफसीआई, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और सीमाशुल्क कार्यालय बिना किसी पाबंदी के काम करेंगे।

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सीनियर अफसरों की 100 फीसदी हाजिरी जरूरी

अन्य मंत्रालय और विभाग उप सचिव और उससे ऊपर के पद के अधिकारियों के साथ ‘100 फीसदी हाजिरी’ के साथ काम करेंगे। इसमें कहा गया है, ‘बाकी के अधिकारी और कर्मचारी आवश्यकता के अनुसार 33 प्रतिशत तक की उपस्थिति के साथ काम करेंगे।’

राज्य सरकारों के दफ्तर एक तिहाई स्टाफ के साथ खुलेंगे

सरकार ने साफ-साफ कहा है कि सभी केंद्रीय कार्यालयों में डेप्युटी सेक्रेटरी से ऊपर के अधिकारी की सौ फीसदी उपस्थिति रहेगी, जबकि अवर सचिव से नीचे के कर्मचारी की उपस्थिति जरूरत के हिसाब से 33 प्रतिशत के आस-पास होनी चाहिए। उधर राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों को भी निर्देश दिया गया है कि ग्रुप ए और बी सर्विसेस को छोड़कर नीचे के कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार 33 फीसदी तक ही बुलाएं।















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