जालंधर: तल्हण रोड पर अवैध मार्केट पर मेहरबानी, RTI में अवैध शोरूम की जानकारी देने की बजाए दुकान का लाइसेंस भेज दिया, हाईकोर्ट में PIL दाखिल होगी

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डेली संवाद, जालंधर
नगर निगम जालंधर के अधिकारी कमाल के हैं। रिश्वत लेकर अवैध कालोनी और अवैध कामर्शियल निर्माण करवाने वाले निगम अफसरों ने सूचना अधिकार एक्ट को मजाक बना दिया है। आरटीआई के तहत जो जानकारी मांगी गई, उसके बजाए निगम अफसरों ने लाइसेंस शाखा से जारी लाइसेंस की जानकारी दे दी। जबकि आरटीआई एक्टिविस्ट ने अवैध कामर्शियल शोरूम के नक्शे और सीएलयू की जानकारी मांगी थी।

मामला रामामंडी के आगे तल्हण रोड का है। जहां निगम के कुछ अधिकारियों ने मिलकर एक कामर्शियल मार्केट ही बनवा दिया। इसकी शिकायत अब नगर निगम के कमिश्नर करणेश शर्मा समेत मुख्यमंत्री और स्थानीय निकाय मंत्री से की गई। शिकायत पर कार्रवाई न होते देख कर आरटीआई डालने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मीडिया के को-कनीवनर अर्जुन त्रेहन ने इसकी आरटीआई के तहत जानकारी मांगी।

सैंट्रल हलके में अवैध कामर्शियल मार्केट

अर्जुन त्रेहन ने आरटीआई के तहत तल्हण रोड पर अमर पैलेस के साथ और ढिल्लों पैलेस के ठीक सामने कई एकड़ में मेन रोड पर कामर्शियल मार्केट डेवलेप करने को लेकर निगम के सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी थी। इस मार्केट में पुडा की तर्ज पर एससीओ और कामर्शियल माल बनाए जा रहे हैं। इसे लेकर अर्जुन ने नक्शा और सीएलयू की पूरी जानकारी मांगी थी।

त्रेहन के मुताबिक इस अवैध निर्माण के चलते सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने शिकायत में नगर निगम के कमिश्नर, मुख्यमंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री और विभाग से मांग की है कि इस अवैध रूप से काम करवाने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी फीस जमा करवाई जाए।

लाइसेंस शाखा से लाइसेंस की कापी भेज दी

अर्जुन त्रेहन ने बताया कि आरटीआई में कामर्शियल शोरूम और दुकानों के नक्शे व चेंज आफ लैंड यूज यानी सीएलयू के बारे में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने बिल्डिंग ब्रांच की बजाए लाइसेंस ब्रांच से लाइसेंस की जानकारी दी। हालांकि निगम की तरफ से एक दुकान की लाइसेंस के बारे में जानकारी दी गई।

उन्होेंने कहा कि अगर एक दुकान की लाइसेंस जारी हआ है, तो वहां अवैध रूप से बने मार्केट और शोरूम पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सूचना आयोग से जानकारी मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हाईकोर्ट में पीआईएल भी दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि निगम के अफसरों के करप्ट चेहरे बेनकाब करेंगे।

















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