Nag Panchami 2022 : नागपंचमी आज, कैसे करें नाग देवता को प्रसन्न, यहां पढ़ें पूजा विधि

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

पं. भागीरथ भूषण पाण्डेय, डेली संवाद, जालंधर। Nag Panchami 2022 : आज नागपंचमी है। नागपंचमी का त्योहार सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। पंडित भागीरथ भूषण पाण्डेय के अनुसार मंगलवार के दिन यह पर्व मनाया जाएगा। नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा होती है। शिवजी के गले में स्थित नाग का नाम वासुकी है। पंचमी तिथि के स्वामी नाग हैं। इस दिन अष्ट नागों की पूजा प्रधान रूप से की जाती है।

अष्टनागों के नाम है- अनन्त, वासुकि, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख। इसकी के साथ नागों की देवी वासुकी की बहन मनसादेवी और उनके पुत्र आस्तिक मुनि की पूजा भी करते हैं। मनसा देवी और आस्तिक के साथ ही माता कद्रू, बलराम पत्नी रेवती, बलराम माता रोहिणी और सर्पो की माता सुरसा की वंदना भी करें। इसी दिन काल सर्प योग की शांति भी विधि विधान से कराना चाहिये। नाग देवता को बंधन से मुक्त कराने से बहुत शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

इसे भी पढ़े: सैंट सोल्जर ग्रुप के मालिक अनिल चोपड़ा, गीता मंदिर के प्रधान राजेश समेत जालंधर की इन महान हस्तियों ने सरकार को लगा दिया अरबों रुपयों का चूना, FIR दर्ज करने के आदेश

इस दिन व्रत रख रहे हैं तो चतुर्थी के दिन एक बार भोजन करें तथा पंचमी के दिन उपवास करके शाम को अन्न ग्रहण किया जाता है। यदि दूसरे दिन पंचमी तीन मुहूर्त से कम हो और पहले दिन तीन मुहूर्त से कम रहने वाली चतुर्थी से वह युक्त हो तो पहले ही दिन यह व्रत किया जाता है।

इसे भी पढ़ें: LPU ने 6 कनाल सरकारी जमीन पर किया कब्जा, मंत्री के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं

यदि पहले दिन पंचमी तीन मुहूर्त से अधिक रहने वाली चतुर्थी से युक्त हो तो दूसरे दिन दो मुहूर्त तक रहने वाली पंचमी में भी यह व्रत किया जाता है। यानी चतुर्थी के दिन एक बार भोजन करें तथा पंचमी लगने के बाद पंचमी के दिन उपवास करके शाम को भोजन करना चाहिए। उज्जैन में आज के दिन नाग देवता के मंदिर पर साल में एक बार दर्शन होते हैं।

नाग पंचमी पर नागों की पूजा

  • नित्यकर्म से निवृत्त होकर नाग पूजा के स्थान को साफ करें।
  • पूजा स्थान पर उचित दिशा में लकड़ी का एक पाट या चौकी लगाएं और उस पर लाल कपड़ा बिछा दें।
  • अब उस पाट पर नाग का चित्र, मिट्टी की मूर्ति या चांकी के नाग को विराजमान करें।
  • अब चित्र या मूर्ति पर गंगाजल छिड़कर उन्हें स्नान कराएं और उनको नमस्कार करके उनका आह्‍वान करें।
  • फिर हल्दी, रोली (लाल सिंदूर), चावल और फूल लेकर नाग देवता को अर्पित करें। उनकी पंचोपचार पूजा करें।
  • उसके बाद कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर नाग मूर्ति को अर्पित करते हैं।
  • पूजन करने के बाद सर्प देवता की आरती उतारी जाती है।
  • अंत में नागपंचमी की कथा अवश्य सुनते हैं।
  • इसी तरह से संध्या को भी पूजा आरती करें।
  • पूजा आरती के बाद दान आदि देकर व्रत का पारण कर सकते हैं।

लाल सिंह चड्ढा का बायकाट, हिन्दू संस्कृति का अपमान करते हैं आमिर



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *