डेली संवाद, पंजाब। Punjab News: भ्रष्टाचार के मामले में फंसे दिग्गज कांग्रेस नेता और पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डा. अजीत अत्री की अदालत ने कथित ट्रांसपोर्ट टेंडर के अलाट्मेंट में हुए भ्रष्टाचार के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही उनके पीए इंदरजीत सिंह ईंदी की भी जमानत याचिका को रद्द कर दिया गया है। 6 सितंबर को बहस सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार के लिए अपना फैसला आरक्षित रख लिया था।
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इनके ऊपर मंडी से अनाज के ट्रांसपोर्ट को लेकर फर्जीवाड़ा करके वाहनों का इस्तेमाल किए जाने की पर्दाफाश हुआ था। इस मामले में एक ठेकेदार तेलूराम को भी विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में 22 अगस्त को पुलिस ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को हिरासत में लिया था। जिसके बाद पुलिस ने करीब 9 दिन तक उनसे पूछताछ की और उसके बाद अदालत ने उन्हें पटियाल जेल भेज दिया।
ठेकेदार तेलूराम ने स्वीकार किया था कि मंत्री आशु के विभाग के उप निदेशक आरके सिंगला और पंकज मीनू मल्होत्रा ने उनके नाम पर रिश्वत ली थी।जिसके बाद तत्कालीन मंत्री पर भी शिकंजा कसा गया था। रिश्वत लिए जाने की बात सामने आने पर पंजाब सरकार ने डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंगला को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इसके साथ ही खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि सिंगला ने इस बात को भी छिपाया था कि उसने साल 2006 से कनाडा की नागरिकता ली हुई थी।
सिंगला को 2017 में चार्जशीट किया गया था और जनवरी 2019 को उनके आरोप भी सिद्ध हो गए थे। इसके बाद सिंगला को आरोपों की कापी भी मुहैया करवाई गई थी और निजी सुनवाई का मौका दिया गया था, मगर वह सुनवाई में शामिल नहीं हुए। जिसके बाद सिंगला को नौकरी बर्खास्त किया गया।
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