डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब से निजी बस माफिया को जड़ से खत्म करने के वादे के साथ सत्ता में आई मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) की सरकार ने एक और अहम फैसला लेते हुए अंतर्राज्यीय रूटों पर बादल परिवार और बड़े बस संचालकों की निजी बसों का एकाधिकार खत्म कर दिया।
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर (Laljit Singh Bhullar) ने कहा कि बादल परिवार ने 2007 से 2017 तक अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान अपने निजी व्यवसाय चलाने की नीति के तहत योजनाएं बनाईं, जिसमें उनके बाद की कांग्रेस सरकार ने भी बादलों को अपना परिवहन व्यवसाय चलाने में मदद की।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसी मकसद से ‘पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम-2018’ बनाई, जिसमें राज्य का हिस्सा घटाकर बड़े बस संचालकों को फायदा पहुंचाया गया, जिसका सीधा फायदा बादल परिवार को मिला, लेकिन बादल परिवार की बसों की चंडीगढ़ में एंट्री नहीं हुई। इससे बड़े पैमाने पर सरकारी खजाने की बर्बादी होती रही।
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कैबिनेट मंत्री ने कहा कि “पंजाब परिवहन योजना-2018” को “पंजाब परिवहन (संशोधन) योजना-2022” में संशोधित किया गया है। योजना के क्लॉज-3 सीरीज नंबर-बी में संशोधन के बाद अब राज्य सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली बसें ही चंडीगढ़ में प्रवेश कर सकेंगी।
उन्होंने कहा कि अंतर्राज्यीय मार्गों पर 39 या अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता वाली वातानुकूलित स्टेज कैरिज बसें प्रत्येक श्रेणी में उनके कुल हिस्से में से केवल राज्य परिवहन उपक्रमों द्वारा संचालित की जाएंगी।
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