Chaitra Navratri 2023 Day 4: चैत्र नवरात्रि का आज चौथा दिन, जाने मां की कथा और उनके स्वरूप के बारे में

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 513 शब्द|📅 25 Mar 2023

डेली संवाद, चंडीगढ़। Chaitra Navratri 2023 Day 4: आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है और इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कुष्मांडा (Ma Kushmanda) की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विधि विधान से मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना करने से आयु, यश और आरोग्य की प्राप्ति होती है तथा सभी कष्टों का निवारण होता है। देवी का निवास स्थान सूर्यमंडल के मध्य में माना जाता है, जहां कोई भी निवास नहीं कर सकता।

Chaitra Navratri 2023 Day 4: चैत्र नवरात्रि का आज चौथा दिन, जाने मां की कथा और उनके स्वरूप के बारे में
maa kushmanda

माता को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है, क्योंकि माता की आठ भुजाएं हैं। माता की आठों भुजाओं में कमंडल, धनुष बांण, शंख, चक्र, गदा, सिद्धियों व निधियों से युक्त जप माला और अमृत कलश विराजमान है। इस दिन माता को हरे रंग की चीजों का भोग लगाने से माता का आशीर्वाद अपने भक्तों पर सदैव बना रहता है।

ये भी पढ़ें: कट्टर इमानदार सरकार के अफसर अवैध होटल पर नहीं कर रहे हैं कार्रवाई

मां कुष्मांडा महामंत्र (Ma Kushmanda Mahamantra)

वन्दे वाछित कामर्थेचन्द्रार्घकृतशेखराम्।
सिंहरूढा अष्टभुजा कुष्माण्डायशस्वीनाम्।।
या देवी सर्वभूतेषु मां कुष्मांडा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
ओम देवी कुष्मांडायै नम:।
सूरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे।।

मां कुष्मांडा का स्वरूप

मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। इसलिए यह अष्टभुजा भी कहलाईं। इनके आठ हाथों में कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प अमृतपूर्ण कलश, चक्र, गदा और माला है।  इनका वाहन सिंह है। मां कुष्मांडा का वास सूर्यमंडल के भीतर है।

मां कुष्मांडा की कथा (Maa Kushmanda Katha)

शास्त्रों के अनुसार, जब सृष्टि की रचना नहीं हुई थी, तब इसका कोई अस्तित्व नहीं था। क्योंकि चारों और अंधकार छाया हुआ था। तब मां कुष्मांडा ने अपने ईषत् हास्य (मंद मुस्कान) से सृष्टि की उत्पत्ति की। इसलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति भी कहा जाता है। मंद हंसी के द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण ही इनका नाम कुष्मांडा पड़ा।

ये भी पढ़ें: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू के बाद दीवानी हुई दिल्ली की दो लड़कियां

मां कुष्मांडा के पास इतनी शक्ति है कि, वह सूर्य के भी घेरे में रह सकती हैं। इनका वास सूर्यमंडल के भीतर है। केवल मां कुष्मांडा में ही सूर्यलोक के भीतर रहने की क्षमता है और इन्हीं के तेज से दसों दिशाएं आलोकित हैं। कहा जाता है कि इन्हीं के तेज से ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में तेज व्याप्त है।सच्चे मन से देवी कुष्मांडा की पूजा करने पर देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इनकी पूजा करने से रोग-शोक दूर होते हैं और यश-आयु में वृद्धि होती है।

VIDEO- राहुल गांधी की सांसदी खत्म, क्या अब जेल जाएंगे?

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *